आज कुछ यूँही.. इधर उधर से.. हिंदी में

क्या आप उन लोगों में से हैं जो बस मांगे चले जा रहे हैं सहयोग, प्यार, सहानुभूति, सम्मान, सत्कार, दान, उधार, आभार और अपने लिये तवज्जो तथा प्रशंसा – लेकिन बदले में कभी कुछ देते नही हैं। 🤔


क्या आप एक आम आदमी हैं जो रोजी रोटी कमाते हैं, बीमार पड़ते हैं, हँसते हैं, रोते है, मज़े भी पूरे लेते हैं, न्यूज़ डिबेट देखते हैं, वगैरह वगैरह और कर्तव्यवश अपने समाज और देश के सुख-दुख में बतौर नागरिक हिस्सेदारी करते हैं, यह जानते हुए भी कि बस ऐसा ही करते करते देर सबेर मर जाना है।


अब ये तय है कि आगे की यात्रा कठिन होगी, तकरीबन तकरीबन सभी की।

मंज़िल अनिश्चित और अनजानी आदिकाल से थी, है और हमेशा रहेगी। शायद अब पहले से ज्यादा।

इसलिये सबसे सुखी वही होगा जो केवल चलने और चलते रहने में सुख ढूंढेगा।


क्या हर वो चीज़ जो चमकती है वो सोना है?
क्या हर वो बात जो trend हो रही है वो सच है?


सब कह रहे हैं कि धीरे धीरे बहुत कुछ बदल रहा है… सही है दुनिया भी, मौसम भी, लोग भी, रिश्ते भी और हम खुद भी। 🤔


अगर कोई कहता है कि यंहा बारिश हो रही है और एक अन्य व्यक्ति कहता है कि नही यंहा तो सूखा है, तो आपका काम उन दोनों की बात को post करना नही है बल्कि खिड़की से अपनी गर्दन बाहर निकाल कर देखना है.. कि सच्चाई क्या है। और फिर उस को post करना है…


आप की रहनुमाई, महानता एवं प्रभुता का परिचय तभी होता है जब आप किसी दूसरे व्यक्ति को सुनते हैं और समझने का प्रयास करते हैं चाहे वो आपका प्रिय व्यक्ति हो या कथित दुश्मन हो, भले ही जब ये बहुत असहज हो रहा हो, दर्दनाक हो, या चाहे ये उस आखिरी चीज की तरह हो जो आप किसी तरह करना चाहते हों।


अगर आपके जीवन का यह पल सुंदर है, सहज है, एकदम बासी नही है तो इसे सहेज कर रखने की क्या जरूरत है। आपको बीते हुए पल को पकड़ कर रखने की बजाये, प्रयास करने की जरूरत है जिससे आपका नया पल बीते हुए पल से हर हाल में बेहतर हो जाये, इसमें नई उमंगें- नये उल्लास शामिल हो जायें तथा नए रंग भर जायें। हर नए पल में आपके नये इरादे हों, नई शुरुआत हो, नये परिणाम हों तथा नई सफलतायें हों। ईश्वर से प्रार्थना है की आने वाला हर नया पल और हर दिन आपके लिये खुशियों का त्यौहार बने। मंगल शुभकामनाएं। 💐💐

अपने विचार, अपनी टिप्पणी नीचे comment section में देने की कृपा करें। 🙏🙏

One Comment on “आज कुछ यूँही.. इधर उधर से.. हिंदी में

  1. आपका स्नेह और राष्ट्र के प्रति प्रेम सदा-सर्वदा बना रहे।

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