प्रार्थना

हम सब जानते हैं कि उस सत्यस्वरूप परमात्मा की मर्जी के बगैर एक पत्ता भी नहीं हिलता है। कण-कण में वही समाये हुऐ हैं। हम सभी में परमात्मा की विभूति, ऊर्जा और अस्तित्व समाहित है। बस नाम-रूप का ही भेद है वरना सब कुछ लगभग एक ही है।

प्रार्थना अपनी इसी ज्योतिर्मय चेतना तथा आनंद के स्रोत को पहचानना और अनुभव करना हैं। जगत में सभी के प्रति भगवदीय भाव रखना और अपने परिवेश के प्रति संवेदनशील बना रहना ही प्रार्थना है। अपने ‘मैं’ का भाव खत्म करते हुए निर्मल अंतःकरण से बगैर किसी छल कपट के निरंतर पुरुषार्थ करते रहना ही उनकी कृपा प्राप्त करने की सबसे कारगर प्रार्थना है।

त्रिलोकीनाथ से निवेदन है की वो आप पर विशेष कृपा करें जिससे आपके जीवन की सभी समस्याओं, कठिनाइयों, अडचनों एवं रुकावटों का अंत हो जाये, आपकी हर परिस्थिति मंगलमय हो जाये और आप अपने जीवन लक्ष्यों को जल्द ही सुगमता से प्राप्त कर लें। मंगल शुभकामनाएं 💐

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