प्रार्थना

ईश्वर सर्वत्र व्याप्त है हम सभी ये जानते हैं, परन्तु यह जान लेना काफी नही है, इस जानकारी से उनकी प्राप्ति नहीं हो सकती है।

जब तक हम उस परमसत्ता से एकत्व का अनुभव नही करते हैं, जब तक हम इस बात को आत्मसात नही कर लेते हैं कि सभी मे परमात्मा का अंश उपस्थित है और जब तक हम इस परमतत्व को सहज स्वीकार नही करते हैं तब तक हमारे लिए परमात्मा को अनुभव करना या प्राप्त करना मुमकिन नही है।

हमे अपने भीतर देवत्व और दिव्यता को अवतरित करने का प्रयास करना, सभी मे मौजूद परमांश को लगातार नमस्कार करना, कृतार्थता का अनुभव करना, निरन्तर सत्कर्म करते रहना, अपने जीवन को उन्नत बनाते हुए आत्म-परमात्म-साक्षात्कार के पथ पर अग्रसर बनें रहना प्रार्थना है। हम में प्रेम, करुणा, शांति एवं प्रसन्नता का सहज बहते रहना ही शायद हमारे लिए प्रार्थना है।

मैं आज मेरे प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि आपका जीवन सदैव तनावरहित, अहंकाररहित, सुखमय, शांतिमय, आनन्दमय अर्थात् परमात्मामय बना रहे। आपकी उपस्थिति मात्र से सभी को बल, उत्साह, सांत्वना, सुख और ज्ञान मिलता रहे। आपके शुभ कार्यों, विचारों एवं दिव्य जीवन की सुहास से आपके आसपास का वातावरण भी सदैव पुलकित और भगवन्मय बना रहे। मंगल शुभकामनाएं 💐💐

Lord Hanuman Ji, Temple, CP, New Delhi, India

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