केवल सम्भव को सम्हालना है, असम्भव को नही तथा वही फैलाना है जो हममें है।

आपको केवल सम्भव को सम्हालना है, असम्भव को नही। जो आप से आज और अभी हो सकता है बस उसे अपनी पूरी लगन, ताकत और प्रतिबद्धता से करना है। बाकी ईश्वर देखेंगे।

खुद को जीवंत करना है, आनंदित, खुश और धन्य करना है, अपनी योग्यता और उपयुक्तता बढ़ानी है। क्योंकि हम अपने चारों तरफ वही फैला सकते हैं जो हम हैं या जो हममें है।

जो हम नहीं हैं, जो हमारे पास नही है, उसे हम चाहें तो भी नहीं फैला सकते या बांट सकते। जो दुखी है, नकारात्मक है, अंधेरे में है वो केवल दुख ही बांट सकता है, मातम ही फैला सकता है, अंधेरे को बढ़ा सकता है और निराशा ही बाट सकता है। और कुछ भी नही।

मैं अपने आराध्य प्रभु से आज प्रार्थना करता हूँ कि आपके सभी संकल्प, विचार, मनोभाव तथा कार्य आपके स्वास्थ्य, सौभाग्य, आनंद और सुख – सुविधा में वृद्धि करें तथा आपकी पात्रता का विकास करें और आपके हाथों जल्द ही कोई महान काम करवायें।

आपका दिन अत्यंत शुभ और मंगलमय हो 💐

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