लोगों की पहचान करना भी एक कला है।

तुमसे यूँ ही सादगी, सरलता और साधारणता से मिलता हुआ, तुम्हे अभिवादन करता हुआ, तुम्हारा सम्मान-सत्कार करने वाला, तुम्हे आदरणीय और माननीय बताने-बनाने वाला और तुम्हारे लिये प्रार्थना करने वाला हर व्यक्ति सिर्फ कमजोर, मामूली, मूर्ख या भिक्षुक ही नही होता, उनमे से कुछ बुद्ध भी होते हैं।

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