ईश्वरकृपा पाने का सबसे आसान और सुगम मार्ग।

आपका वो हिस्सा जो सहज है और जो एक दम असंस्कृत है, जब वो भी अचानक, बगैर किसी अभ्यास के और बिना सोचे विचारे दूसरों की तारीफ करने लगता है, सरहाना करने लगता है, दूसरों से अच्छा बोलना शुरू कर देता है, सकारात्मक सोचने लगता है, मुस्कराने लगता है औऱ अपने ईश्वर के प्रति कृतज्ञता महसूस करने लगता है, तब जाकर आप के जीवन मे कुछ अद्भुत होता है, तब जाकर सभी व्यवधान और बाधायें समाप्त होती हैं तथा आपकी असल सफलता, महानता और परम् की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है।

याद रखिये – जब तक हमारे विचारों, भावों, व्यवहार, रोज़मर्रा के कामकाज, और आदतों में बदलाव नही आयेगा तब तक किसी शुभ की या ईश्वरकृपा की प्राप्ति नही हो सकती है।

मैं आज अपने आराध्य प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि आप पहले से अधिक विनम्र, सौम्य और मृदभाषी हो जायें, आप के ज्यादातर विचार एवं इच्छायें सकारात्मक हो जाएं और आपकी निराशा एवं सभी नकारात्मक भाव खत्म हो जायें जिससे आपके जीवन में सभी असम्भव से लगने वाले कार्य सम्भव होने लगे।

मेरी उनसे आज ये भी प्रार्थना है की आपका जीवन और घर-आंगन हमेशा प्रचुरता, आनंद, माधुर्य, शुभ एवं श्री से परिपूर्ण रहे। आप को शतायु, स्वस्थ और सशक्त जीवन के लिये ढेरों ढेर मंगल शुभकामनाएं 🙏

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