प्रार्थना

प्रार्थना है अंतर्यात्रा। और यकीन मानिये जिस दिन आपकी अंतर्यात्रा सफल हो जाती है, उसी दिन आपकी ये जीवन यात्रा भी सफल हो जाती है।

आपकी अंतर्यात्रा तब सफल होगी जब आपको अपने भीतर, अपने आसपास, हर जीव में और हर किसी में ईश्वर दिखाई देने लगेगा, महसूस होने लगेगा। आपकी अंतर्यात्रा तब सफल होगी जब आपकी सोच, विचार और कार्यों में उनका रूप, गुण, दिव्यता, सर्वोच्चता, उत्तमता, श्रेष्ठता और महानता स्वभाविक रूप से प्रकट होने लगेगी।

और तब तक सज्जनता, निष्ठा, समर्पण, लगन और निरभिमान होकर ईश्वर के साथ एक सह निर्माता और एक सह रचियता के रूप में अपना सर्वश्रेष्ठ और सर्वोच्च करने में जुटे रहिये।

मैं आज अपने आराध्य प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि आपकी अंतर्यात्रा और आगे की जीवन यात्रा सार्थक, सुंदर, सरल एवं सुगम हो जाये। आपके सभी असम्भव से लगने वाले कार्य सम्भव हो जाये। जितने अम्रत, आनंद, बुद्धता और सफलता के आप अधिकारी हैं, वो जल्द से जल्द आपको प्राप्त हो जाये।

मेरी उनसे आज ये भी प्रार्थना है की आपका जीवन और घर-आंगन हमेशा प्रचुरता, आनंद, माधुर्य, शुभ एवं श्री से परिपूर्ण रहे। मंगल शुभकामनाएं 🙏

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