Tag: आनंद

परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे बड़ी प्रार्थना है।

ईश्वर और आनंद दोनो ही कोई वस्तु नही हैं, जो भविष्य में कंही आपको मिल जाएंगे। ये तो जन्म के साथ ही हमारे हृदय की धड़कन में बसे हुए हैं। परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे… Continue Reading “परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे बड़ी प्रार्थना है।”

प्रार्थना

परमात्मा इस धरती के हर कण में समाया हुआ है और जिनकी श्रद्धा होती है उंनको चारों तरफ परमात्मा और उनकी अलौकिक शक्तियां नजर भी आती है। परमात्मा की हर पल में अनुभूति करना, सदैव आनंदित रहना और छोटी-छोटी खुशियाँ में भी असीम प्रसन्नता… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

हमारी मान्यता ये है की हम सब उस परमब्रह्म ईश्वर की रची रचना हैं और अगर हम उनकी रचना हैं तो स्वभाविक है कि उनका कुछ अंश तो हम सब में ज़रूर होगा। उनकी तरह पूरे ब्रह्मांड को ना सही, कम से कम स्वयं… Continue Reading “प्रार्थना”

🙏 प्रार्थना 🙏

असल मे तो आनन्द ही परमात्मा का स्वरूप है और चारों तरफ, बाहर-भीतर आनन्द-ही-आनन्द भरा हुआ है। सारे संसार में आनन्द छाया हुआ है। यदि आपको जीवन मे इस आनंद का अनुभव नही हो पा रहा है तो सचमुच कुछ कमी है। हम सब… Continue Reading “🙏 प्रार्थना 🙏”