Tag: ईश्वर

प्रार्थना

आपका और मेरा ईश्वर इस सृष्टि के कण-कण में बसा है। और अगर गौर से देखेंगे तो पायेंगे कि ये सारी सृष्टि उनकी प्रार्थना में ही लीन है, दिन और रात। प्रतिपल प्रार्थना चल रही है। ये वृक्ष खड़े हैं चुपचाप; ये इनकी प्रार्थना… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

परमात्मा इस धरती के हर कण में समाया हुआ है और जिनकी श्रद्धा होती है उंनको चारों तरफ परमात्मा और उनकी अलौकिक शक्तियां नजर भी आती है। परमात्मा की हर पल में अनुभूति करना, सदैव आनंदित रहना और छोटी-छोटी खुशियाँ में भी असीम प्रसन्नता… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

हमारी मान्यता ये है की हम सब उस परमब्रह्म ईश्वर की रची रचना हैं और अगर हम उनकी रचना हैं तो स्वभाविक है कि उनका कुछ अंश तो हम सब में ज़रूर होगा। उनकी तरह पूरे ब्रह्मांड को ना सही, कम से कम स्वयं… Continue Reading “प्रार्थना”

🙏 प्रार्थना 🙏

असल मे तो आनन्द ही परमात्मा का स्वरूप है और चारों तरफ, बाहर-भीतर आनन्द-ही-आनन्द भरा हुआ है। सारे संसार में आनन्द छाया हुआ है। यदि आपको जीवन मे इस आनंद का अनुभव नही हो पा रहा है तो सचमुच कुछ कमी है। हम सब… Continue Reading “🙏 प्रार्थना 🙏”

प्रार्थना

दूसरों में कमियां ढूंढने की बजाय, आत्म अवलोकन करना प्रार्थना है। अपनी कमियां उदारता से स्वीकार करना व दूसरों के गुणों की जी खोलकर प्रशंसा करना प्रार्थना है। स्वयं को समझा बुझा कर – ईर्ष्या, द्वेष, गुस्सा, कुंठा, जलन, दूसरों की तुलना करने से… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना 🙏

हमारी मान्यता के अनुसार हर व्यक्ति में ईश्वर की उपस्थिति है और हम सभी मे असीमित प्रतिभा, महत्ता, प्रभुता, शक्ति एवं सामर्थ्य छुपा हुआ है। अपनी इसी नैसर्गिक दिव्यता एवं इन्ही क्षमताओं को पहचानने और अपने में परमेश्वर को और परमेश्वर में अपने को… Continue Reading “प्रार्थना 🙏”

प्रार्थना

कलह तथा कपट के इस युग में भगवान के नाम, यश, रूप, तथा लीलाओ का हर दिन गुणगान करना, अपने जीवन को लगातार श्रेष्ठ, परिष्कृत एवं गौरवान्वित बनाने का प्रयत्न करते रहना, अपने भीतर की अच्छाई को हर परिस्थिति में जिंदा रखना तथा अपने… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

आज पहली बात तो ये की देवताओँ और असुरों का अलग कोई अस्तित्व नहीं है। एक ही व्यक्ति में दोनों मौजूद हैं। आप का बेवजह क्रोध, घृणा, ईर्ष्या, या किसी के खिलाफ लगातार नाराजगी, अनिवार्य रूप से आपके असुरत्व को प्रगट करता है और… Continue Reading “प्रार्थना”

ईश्वर और प्रार्थना

ईश्वर प्रेम, पवित्रता और आनन्द के रूप में सभी के ह्रदय में मौजूद है। जब आप इनकी पराकाष्ठा अपने भीतर या बाहर अनुभव करने लगते हैं तो इसका एक मतलब है ईश्वरत्व का अनुभव करना। 👑 ईश्वर का शुष्क चिंतन करके आप सिर्फ खुद… Continue Reading “ईश्वर और प्रार्थना”

आप जिसे ढूंढ रहे हैं, आप वही हैं।

आप जिसे ढूंढ रहे हैं, मेरा विश्वास करिये, आप वही हैं। 100%। आप जरा खुद के भीतर झाँकिये तो। अपने पूर्णत्व को, अपनी श्रेष्ठता, उच्चता, योग्यता तथा अपने दिव्य सामर्थ्य को जरा पहचानने की कोशिश तो करिये। और हाँ, जो खूबियां या देवत्व आप… Continue Reading “आप जिसे ढूंढ रहे हैं, आप वही हैं।”