Tag: परमात्मा

प्रार्थना

ईश्वर कभी भी हमसे दूर नहीं थे और न होंगे। वे तो अपार ऊर्जा, पूर्ण ज्ञान, अनन्त सामर्थ्य, वात्सल्य तथा अपना आशीर्वाद लिए प्रति पल हमारे साथ हैं। और जब भी हम अपने भीतर की गहराई में एकाग्रता से उतरते हैं, हमारी आत्मा दिव्य… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

आपको देर सबेर ये मानना ही होगा कि भगवान यदि यहाँ नहीं है तो कहीं भी नहीं हैं और भगवान अगर आपके आज में नहीं है तो भविष्य में भी कभी नहीं होंगे। आप के अंदर और सभी के अंदर भगवान् नित्य ही विराजित… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

हमारी मान्यता ये है की हम सब उस परमब्रह्म ईश्वर की रची रचना हैं और अगर हम उनकी रचना हैं तो स्वभाविक है कि उनका कुछ अंश तो हम सब में ज़रूर होगा। उनकी तरह पूरे ब्रह्मांड को ना सही, कम से कम स्वयं… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

कलह तथा कपट के इस युग में भगवान के नाम, यश, रूप, तथा लीलाओ का हर दिन गुणगान करना, अपने जीवन को लगातार श्रेष्ठ, परिष्कृत एवं गौरवान्वित बनाने का प्रयत्न करते रहना, अपने भीतर की अच्छाई को हर परिस्थिति में जिंदा रखना तथा अपने… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

आज पहली बात तो ये की देवताओँ और असुरों का अलग कोई अस्तित्व नहीं है। एक ही व्यक्ति में दोनों मौजूद हैं। आप का बेवजह क्रोध, घृणा, ईर्ष्या, या किसी के खिलाफ लगातार नाराजगी, अनिवार्य रूप से आपके असुरत्व को प्रगट करता है और… Continue Reading “प्रार्थना”