Tag: प्रभु

प्रार्थना

वे सब रावण ही तो हैं जो कई कई चेहरे ले कर और अपने झूठ को गर्व से माथों पर सजाए घूम रहे हैं। हम सबने सुना है कि रावण के दस सिर थे। मगर लोग तो जाने कितने चेहरे लिये घूम रहे हैं… Continue Reading “प्रार्थना”

परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे बड़ी प्रार्थना है।

ईश्वर और आनंद दोनो ही कोई वस्तु नही हैं, जो भविष्य में कंही आपको मिल जाएंगे। ये तो जन्म के साथ ही हमारे हृदय की धड़कन में बसे हुए हैं। परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे… Continue Reading “परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे बड़ी प्रार्थना है।”

श्री राम की जीवन यात्रा भारतीय संस्कार एवं सभ्यता की प्राण सत्ता हैं।

मुझे नही पता की आप भारतीय परंपरा के सबसे पवित्र, दिव्य और प्यारे नाम “श्री राम” से क्या मतलब निकालते हैं? मुझे नही पता कि आप उन्हें राजा दशरथ के सबसे बड़े आज्ञाकारी बेटे, एक महान और आदर्श राजा के रूप में जानते हैं… Continue Reading “श्री राम की जीवन यात्रा भारतीय संस्कार एवं सभ्यता की प्राण सत्ता हैं।”