Tag: प्रार्थना

दुर्गाष्टमी प्रार्थना

माँ दुर्गा के आठवें स्वरुप माता महागौरी की आराधना के पर्व दुर्गा अष्टमी की आप सभी को बधाई। मैं उम्मीद करता हूँ कि आज की पूजा और जो भी व्रत, प्रार्थना, ध्यान, जप आपने इन नवरात्रों में किये हैं उससे आपको असीम आनंद की… Continue Reading “दुर्गाष्टमी प्रार्थना”

प्रार्थना

जन्म से ही अपूर्व सामर्थ्य, अतुल्य तेज व अन्तहीन संभावनाओं से परिपूर्ण मानव जीवन परमात्मा का एक दिव्य उपहार है। ये तो हम सब जानते हैं। मगर असली सवाल ये है कि इस उपहार स्वरूप मिले अमूल्य जीवन का असली लक्ष्य क्या है? मेरे… Continue Reading “प्रार्थना”

हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की बधाई।

आप सभी को को चैत्र नवरात्रि एवं हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत की बधाई। माँ दुर्गा की उपासना का ये नौ दिन का महापर्व असल मे अपने आत्मसंवरण का अवसर है। व्रत, प्रार्थना, ध्यान और जप द्वारा अपने मन को शुद्ध और पूरी तरह… Continue Reading “हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की बधाई।”

प्रार्थना

यह संसार आनन्दस्वरूप, सर्वशक्तिमान एवं सर्वव्यापक ईश्वर की ही रचना है और आपको तथा मुझे जीवन में जितना कुछ भी ईश्वरीय उपहार स्वरूप मिला हुआ है, वह अपार और अमूल्य है। इसीलिए जितनी साधन-संपन्नता एवं लौकिक-पारलौकिक अनुकूलतायें हमे प्राप्त हैं, उनके प्रति प्रासादिक भाव… Continue Reading “प्रार्थना”

महाशिवरात्रि

देवाधिदेव महादेव और जगतजननी माता पार्वती के विवाहोत्सव के महापर्व महाशिवरात्रि की शुभकामनाये। मैं आपको याद दिला दूँ की – लय और प्रलय जिनके अधीन है, जो देवों के भी देव हैं और जो समूची सृष्टि के रचयिता हैं, ऐसे शिव त्याग, तपस्या, सादगी,… Continue Reading “महाशिवरात्रि”

प्रार्थना

मनुष्य जीवन ईश्वर का अनुपम उपहार है। मुझे नही लगता कि उनके पास इससे बड़ा कोई अनुदान या उपहार हो सकता है आपको देने के लिए। आपको इतनी विशेषताएं, बुद्धि, सामर्थ्य, क्षमता और सम्भावनायें दी गयी हैं कि अगर वो सब किसी दिन सामने… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

हमारे वेद बताते हैं कि सच्चिदानन्द ईश्वर तो आकार से रहित निराकार है। ईश्वर के असली रूप की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। कम से कम हम जैसे साधारण बुद्धि वाले मनुष्य तो नही कर सकते हैं। इसलिए हम अपनी अपनी कल्पना… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

ईश्वर कभी भी हमसे दूर नहीं थे और न होंगे। वे तो अपार ऊर्जा, पूर्ण ज्ञान, अनन्त सामर्थ्य, वात्सल्य तथा अपना आशीर्वाद लिए प्रति पल हमारे साथ हैं। और जब भी हम अपने भीतर की गहराई में एकाग्रता से उतरते हैं, हमारी आत्मा दिव्य… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

आपका और मेरा ईश्वर इस सृष्टि के कण-कण में बसा है। और अगर गौर से देखेंगे तो पायेंगे कि ये सारी सृष्टि उनकी प्रार्थना में ही लीन है, दिन और रात। प्रतिपल प्रार्थना चल रही है। ये वृक्ष खड़े हैं चुपचाप; ये इनकी प्रार्थना… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

परमात्मा इस धरती के हर कण में समाया हुआ है और जिनकी श्रद्धा होती है उंनको चारों तरफ परमात्मा और उनकी अलौकिक शक्तियां नजर भी आती है। परमात्मा की हर पल में अनुभूति करना, सदैव आनंदित रहना और छोटी-छोटी खुशियाँ में भी असीम प्रसन्नता… Continue Reading “प्रार्थना”