Tag: शुभकामनाएं

परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे बड़ी प्रार्थना है।

ईश्वर और आनंद दोनो ही कोई वस्तु नही हैं, जो भविष्य में कंही आपको मिल जाएंगे। ये तो जन्म के साथ ही हमारे हृदय की धड़कन में बसे हुए हैं। परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे… Continue Reading “परमात्मा और परमानंद को अपने भीतर हर हाल में जीवंत रखना ही हमारी सबसे बड़ी प्रार्थना है।”

ईश्वर जो सदा से प्रकट हैं, जो सब जगह मौजूद हैं। क्या आप उन्हें पहचानते हैं?

ईश्वर तो सदा से प्रकट हैं, सब जगह मौजूद हैं। जो पहले से प्रकट है वो और अधिक क्या प्रकट होंगे। हाँ, ये हो सकता है कि अभी आप उन्हें पहचानते नहीं हो। जिस किसी को भी आपके भीतर सम्भावनायें, अच्छाई दिखाई दे रही… Continue Reading “ईश्वर जो सदा से प्रकट हैं, जो सब जगह मौजूद हैं। क्या आप उन्हें पहचानते हैं?”

केवल सम्भव को सम्हालना है, असम्भव को नही तथा वही फैलाना है जो हममें है।

आपको केवल सम्भव को सम्हालना है, असम्भव को नही। जो आप से आज और अभी हो सकता है बस उसे अपनी पूरी लगन, ताकत और प्रतिबद्धता से करना है। बाकी ईश्वर देखेंगे। खुद को जीवंत करना है, आनंदित, खुश और धन्य करना है, अपनी… Continue Reading “केवल सम्भव को सम्हालना है, असम्भव को नही तथा वही फैलाना है जो हममें है।”

अपनी मूँछों पर ताव देकर अपनी शेखी बघारने और प्रतिक्रिया देने की बजाये, स्वयं की और उनकी आवाज सुनना और समझना, सफलता की गारंटी है।

ज्यादातर बातों और घटनाओं को लेकर अगर आप खुद को शांत और सहज रखते हैं तो आपको अपनी आत्मा की आवाज सुनने लगती है, ईश्वर की आवाज सुनने लगती है और आप को उस बात और घटना के लिए मार्गदर्शन और हल प्राप्त हो… Continue Reading “अपनी मूँछों पर ताव देकर अपनी शेखी बघारने और प्रतिक्रिया देने की बजाये, स्वयं की और उनकी आवाज सुनना और समझना, सफलता की गारंटी है।”

प्रार्थना

मेरे विचार में परमात्मा का एक अर्थ है हमारे अपने अस्तित्व की ऊर्जा, हमारा आनन्द, प्रेम एवं आंतरिक सौंदर्य, शक्ति, कौशल तथा हमारा बुद्धत्व, जो हम सब में समाहित है। जिसे हम बहकने की वजह से, मूर्खता, अहंकार या शायद उलझनों के कारण जान… Continue Reading “प्रार्थना”

सकारात्मक सोच, प्रसन्न चित्त और प्रगति की दिशा में सदैव सक्रिय बने रहना ही अंततः आपके सुख, शांति और सद्गति का कारण बनेगा।

एक बात आपको हमेशा याद रखनी होगी कि आपका स्वास्थ्य, आपकी सेहत, आपकी सांसे, आपका जीवन और आपकी सफलता सिर्फ आपके इरादों, लगन, मेहनत और निरन्तर किये गए शुभ प्रयासों पर ही निर्भर करती है और किसी चीज़ पर नही। मेरी या किसी अन्य… Continue Reading “सकारात्मक सोच, प्रसन्न चित्त और प्रगति की दिशा में सदैव सक्रिय बने रहना ही अंततः आपके सुख, शांति और सद्गति का कारण बनेगा।”

प्रार्थना

जीवन मे सब महत्वपूर्ण चीजें जैसे कि मनुष्य जन्म, मृत्यु, मोक्ष, परिवार, बंधन, यश व अपयश परमात्मा के हाथ में ही हैं। आज भी ये सब उन्ही के यानी के प्रकृति के हाथों में ही है। इसीलिए भलायी इस मे है कि जीवन को… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

प्रतिपल ईश्वर को अपने जीवन की रक्षा करने के लिए कहना, उन्नति के लिये कहना, कभी कोई कठिन परिस्थिति न आये ऐसा कहना या ऐसा सोचना के कभी सूर्यास्त न हो बिल्कुल गलत है। हमे तो समस्त सृष्टि में अखण्ड भाव से विराजमान ईश्वर… Continue Reading “प्रार्थना”

Being hopeful is the only key to mentally surviving a crisis like this.

Somehow, I have started realizing that only a few people have any idea what they’re talking about & what they are doing in this situation, otherwise most have no idea at all, they are just faking it like a fraud. I am also one… Continue Reading “Being hopeful is the only key to mentally surviving a crisis like this.”

हनुमान जयंती

आप सभी को श्री हनुमान जन्मोत्सव की ढेरों बधाई। कोरोना की इस कठिन घड़ी में आपसे निवेदन है कि सच से सरोकार रखें, सनसनी से नहीं। तथ्यों पर चलें, कल्पनाओं पर नहीं। विवेक को भावुकता से अधिक महत्व दें। यथासंभव नकारात्मक एवं व्यर्थ की… Continue Reading “हनुमान जयंती”