Believe me knowing this will make you smile, encourage you, motivate you & will help you become 10x happier…
Sweetheart, the way people talk to you & behave with you is influenced by their own perceptions, conditioning, experiences & circumstances. It is not a reflection of your worth. Good or bad, they’re reflecting the people they follow on social media, people who they are together with, the videos they watch or perhaps the places they go.
Believe me, people generally don’t behave the way they feel for you. They treat you according to what’s happening with them on the inside, their mental condition. Sometimes people unintentionally hurt you because they’re fighting with themselves & going through things that they can’t even share with you.
Sweetheart, I want you to continue showing your good upbringing, nobility, goodness, magnificence & upstandingness by treating others well, supporting & showing love to them, respecting them, getting happy for them & helping them if you can… Remember you are much bigger & better than a whole lot of the world.
I wish & hope that your words & actions always reflect your good character instead of other’s wrong doings & their uncaring behavior. Stay Blissful & Blessed 💐

Today I wish to remind you what Lincoln once said, “We’re as happy as we make up our minds to be”. Begin this day & new week
with a smile 😃. Repeat this with me – This is my winning season. This is my season of good health, happiness, abundance, answered prayers & miracles…
Sweetheart, believe me – morning affirmations actually help us to rewire our mindset to become the “most healthiest, happiest & successful version of ourseves.” 🔥
To become a thriver & best version, you also have to become responsible for your each word, action, reaction & expression. You also have to ask two simple questions from yourself every morning & every evening..
Darling listen – I want you to cultivate a daily practice to become the best version of yourself so that it becomes the integral part of your routine & lifestyle.
Please excuse me for writing similar type of morning posts. I do it intentionally because I know that staying motivated & encouraged to learn, evolve & implement life-enhancing changes is an ongoing process. That’s why I remind you all about this on & off.
I wish & hope that you will give your best to your home, family, work in this week & live with peace & joy, rather than pressure & stress. Tons of Blessings 💐

मुझे लगता है कि हर किसी का जीवन एक द्वंद्व है। प्रकाश और अंधकार का, प्रेम और घृणा का, अहंकार और विनम्रता का। बचपन से लेकर मृत्यु तक हम हमेशा इस द्वंद्व से घिरे रहते हैं। यह द्वंद्व अनेक सतहों पर प्रकट होता ही रहता है।
यह द्वंद्व जीवन के कण – कण में छिपा है। कौरव – पांडव और राम – रावण प्रतिपल आज भी संघर्ष रत हैं। उनका युद्ध खत्म थोड़े ही हुआ है। प्रत्येक व्यक्ति हर वक्त कूरुक्षेत्र में ही खड़ा है। महाभारत कभी हुआ और समाप्त हो गया, ऐसा नही, अभी भी जारी है।
इसलिए शायद कूरुक्षेत्र को भगवद्गीता में धर्मक्षेत्र कहा गया है, क्यों कि वहां निर्णय होता है – धर्म और अधर्म का। और यही निर्णय आपके मेरे भीतर होना है धर्म अधर्म का। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर हर दिन कोई न कोई निर्णायक घटना घटने को है। इसलिए हम में से किसी को भी कभी पूरी राहत कंहा मिल पाती है। कुछ भी करे, राहत नहीं है – चैन नही है मन की शांति नही है। क्योंकि भीतर कुछ उबल रहा है। भीतर सेनाएं बंटी खड़ी है। क्या होगा परिणाम, क्या होगी आखिर में… यही चिंता हर वक्त खाये जाती है।
दूसरी बात ये की हम में से हर किसी के भीतर अहंकार, लोभ लालच, स्वार्थपरता और घृणा के पक्ष में शायद बड़ी फौजें तैनात रहती है। नकारात्मकता के पक्ष में सदा से ही बडी शक्तियाँ रहती हैं। महाभारत में भी श्री कृष्ण की सारी फौजें कौरवों के साथ थी। केवल कृष्ण, निहत्थे कृष्ण ही पांडवों के साथ थे। वह बात बड़ी सूचक है। ऐसी ही हालत आज भी है। आज भी आपकी सारी शक्तियाँ अँधेरे ( नकारात्मक) के पक्ष में रहती हैं। संसार की शक्तियाँ यानी परमात्मा द्वारा दी गयी शक्तियां, योग्यतायें, कौशल, आपकी बुद्धि और क्षमतायें। सिर्फ परमात्मा ही आपके पक्ष में रहते हैं, वो भी निहत्थे। इसीलिये भरोसा ही नहीं हो पाता है कि जीत हो सकेगी – विश्वास ही नहीं बैठता कि निहत्थे परमात्मा का साथ हमें भी विजय दिलवा सकते हैं।
तीसरी बात ये की श्री कृष्ण अर्जुन के ही सारथी थे, ऐसा नहीं है, आपके मेरे रथ पर भी जो सारथी बनकर बैठा है वह भी माधव ही हैं। प्रत्येक के भीतर बैठे परमात्मा ही तो रथ को सँभाल रहे हैं। और फिर जिसका सारथि स्वयं ईश्वर हो उसकी भला हार कैसे हो सकती है, उसकी जीत सुनिश्चत है।
लेकिन हमने अपने रथ का सारथी तो स्वंय खुद को, अपनी बुद्धि को, अहं को, स्वार्थ को बना रखा है, इसलिये हार निश्चित मालूम पड़ती है, जीत असंभव।
महाभारत में अपने सामने विराट सेनाएँ सिख कर अर्जुन भी घबरा गया था। हाथ-पैर थरथरा गये थे। गांडीव छूट गया था। पसीना-पसीना हो गया था। किन्तु उसने अपना सारथी नही बदला। अगर हम भी जीवन के युद्ध में पसीना-पसीना हो जाते हो, तो आश्चर्य नहीं। लेकिन समस्या है कि हमें अपना अपना सारथी नही बदलना है।
महाभारत में कौरव पक्ष के सभी महान योद्धा पराजित हुए क्योंकि “सारथि” का चयन ग़लत था। महाभारत का नायक अर्जुन है। जीत अर्जुन की हुई थी। क्योंकि अर्जुन ने सारथि का चयन ठीक किया। अर्जुन के केवल इस एक निर्णय ने पूरी महाभारत का पासा पलट दिया था। अर्जुन निश्चल चित्त का व्यक्ति था। श्रीकृष्ण के प्रति उसकी निष्ठा पूर्ण थी, समर्पण पूरा था। यही कारण है कि उसने अपना सारथि मन, बुद्धि, अहं को नही बल्कि वासुदेव श्रीकृष्ण को चुना और फिर उनके हर निर्देश का अक्षरशः पालन भी किया।
याद रखिये की जो भी जब भी अपने जीवनरूपी रथ की डोर भगवान के हाथों में सौंप देता है, उसकी लौकिक और पारलौकिक विजय निश्चित हो जाती है।
इसीलिये हर प्रकार के अंतर्विरोध और द्वंद को खत्म करते रहना प्रार्थना है। अपने अंदर के रावण और कौरवों का हर परिस्थिति में संहार करना प्रार्थना है। प्रत्येक परिस्थिति में अपना आत्मविश्वास, धैर्य और साहस सहेज कर रखना और अपने जीवन रथ को केशव के हाथों में सौंपे रखना प्रार्थना है। श्री कृष्ण के गीता उपदेश को सही में समझ कर आत्मसात करना प्रार्थना है। कृष्णभावनामृत में रहकर ही कर्म करना प्रार्थना है।
आज मेरी अपने आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना है कि वे आपके जीवन रथ की पताका पर सदा विराजित रह कर उसकी रक्षा करें और श्री कृष्ण सदा आपके जीवन रथ के सारथी बन कर आपके रथ को नियंत्रण में रखें और सही दिशा में ले जायें।
आज उनसे ये भी विनती है कि आपको जीवन के हर महाभारत में सफल करें और विजयी बनायें। आप सदैव स्वस्थ, प्रसन्न और दीर्घायु रहें। मंगल शुभकामनाएं 💐
श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।

Today I wish to remind you that you are blessed beyond measures. Spend some time noticing & celebrating 🍾 some of them today.
Darling listen – let go of anything that is draining your energy & focus on the things that are important to you. The world may be going on in it’s crazy way around you, but let your attention be on your own true priorities. Believe me, you will be glad that you listened to me & adjusted your focus today.
Sweetheart, I repeat, make sure you are always focused on the right thing & that you are doing what’s most healthiest & best for you. Try your best today 🌞
I wish & hope that you will focus on living each moment today as best as you can. Smile, laugh, love, dance & pray. Let God continue to bless you everyday 💐

कल श्री कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार बड़ी धूमधाम और श्रद्धा के साथ दुनिया भर में मनाया गया। ये त्यौहार हर साल कृष्ण भक्तों को अद्भुत आध्यात्मिक आनंद से भर देता है और इस दिन भक्ति की पवित्र लहरें मन में हिलोरें मारने लगती हैं। कल मैं जब दिन में 3 बजे इस्कॉन ईस्ट ऑफ कैलाश भगवान के दर्शन के लिये गया तो पाया कि हर वर्ग के लोग दूर दूर से उत्साह, जोश और जुनून के साथ भगवान के दर्शन के लिये आये हैं। हर्षोल्लास भरी भरी भीड़ के रेले के रेल आ रहे थे।
एक अनुमान के अनुसार भगवान 5000 वर्ष पहले हमारे बीच अवतरित हुए थे और आज भी हमारे दिलों में असीम प्रेम, निस्वार्थ भाव, करुणा, त्याग, न्याय, सौंदर्य और अच्छे संस्कार के रूप में जीवित हैं। उन्होंने अपने जीवन प्रसंगों और गीता के आधार पर कई ऐसे नियमों और जीवन सूत्रों को प्रतिपादित किया है, जो आज भी पूर्णतः लागू होते हैं।
श्रीकृष्ण ने मनुष्य जाति को नया जीवन-दर्शन दिया, जीने की एक नई शैली सिखलाई। श्री कृष्ण का व्यक्तित्व और कृतित्व बहुआयामी और बहुरंगी है, यानी बुद्धिमत्ता, चातुर्य, युद्धनीति, आकर्षण, प्रेमभाव, गुरुत्व, सुख, दुख और न जाने कितनी विशेषताओं और विलक्षणताओं को स्वयं में समेटे हुए है। एक भक्त के लिए श्रीकृष्ण भगवान हैं, तो वंही सरल-निश्छल ब्रजवासियों के लिए वह रास रचैया – माखन चोर, गोपियों की मटकी फोड़ने वाले नटखट कन्हैया और गोपियों के चितचोर हैं। एक ओर वे राजनीति के ज्ञाता तो दूसरी ओर दर्शन के प्रकांड पंडित।
अलौकिक प्रेम और अतुलनीय दयाभाव के उद्घोषक भगवान श्री कृष्ण दार्शनिक, चिंतक, गीता के माध्यम से कर्म और सांख्य योग के संदेशवाहक और महाभारत युद्ध के नीति निर्देशक भी थे। गीता में यही भावाभिव्यक्ति भी है- हे अर्जुन! जो भक्त मुझे जिस भावना से भजता है मैं भी उसको उसी प्रकार से भजता हूं।
श्रीकृष्ण ही अकेले ऐसे व्यक्ति हैं जो धर्म की परम गहराइयों व ऊंचाइयों पर जाकर भी एक पल के लिये भी न तो गंभीर ही दिखाई देते हैं और न ही उदासीन दीख पड़ते हैं, अपितु हर पल पूर्ण रूप से आनंदमय और जीवन शक्ति से भरपूर दिखाई पड़ते हैं। श्रीकृष्ण के चरित्र में नृत्य है, गीत है, प्रीति है, समर्पण है, हास्य है, रास है, और है आवश्यकता पड़ने पर युद्ध को भी स्वीकार कर लेने की मानसिकता भी है।
एक हाथ में बांसुरी और दूसरे हाथ में सुदर्शन चक्र लेकर महाइतिहास रचने वाला कोई अन्य व्यक्तित्व नहीं हुआ इस संसार में। श्रीकृष्ण के चरित्र में कहीं भी किसी प्रकार का निषेध, प्रतिवाद, मुकरना या नटना नहीं है। जीवन के प्रत्येक पल को, प्रत्येक पदार्थ को, प्रत्येक घटना को समग्रता के साथ सहज भाव से स्वीकार करने का भाव है। वे प्रेम करते हैं तो पूर्ण रूप से उसमें डूब जाते हैं, मित्रता करते हैं तो उसमें भी पूर्ण निष्ठावान रहते हैं और जब युद्ध स्वीकार करते हैं तो उसमें भी पूर्ण स्वीकृति होती है।
जब एक ड्राइवर को विभिन्न सड़क स्थितियों जैसे तीखे मोड़, खड़ी ढलान और गड्ढों का सामना करना पड़ता है, तो वह अपनी गाड़ी का गियर बदलता, स्पीड बदलता है न की उनसे बच कर गाड़ी चलाना बन्द कर देता है। उसी तरह, श्री कृष्ण भगवान ने दिखाया कि कैसे अपने पूरे जीवन को आनंदमय और उत्सवमय बनाया जा सकता है बचपन से लेकर बुढ़ापे तक हर चुनौती और हर तकलीफ के बावजूद।
श्री कृष्ण में हम संपूर्ण जीवन का चित्र देखते हैं ।श्रीकृष्ण ने मनुष्य जाति को नया जीवन-दर्शन दिया, जीने की शैली सिखलाई। उनकी जीवन-कथा चमत्कारों से भरी है, लेकिन वे हमें जितने करीब लगते हैं, उतना और कोई नहीं। वे ईश्वर हैं पर उससे भी पहले सफल, गुणवान और दिव्य मनुष्य हैं। ईश्वर होते हुए भी सबसे ज्यादा मानवीय लगते हैं। इसीलिए श्रीकृष्ण को मानवीय भावनाओं, इच्छाओं और कलाओं का प्रतीक माना गया है। हम सब जानते हैं कि जब किसी व्यक्ति में प्रेम, कोमलता, ज्ञान, वैराग्य, धैर्य, उदारता, करुणा और साहस के सभी नव रस होते हैं गुण होते हैं तो वह जीवन में हर परिस्थिति को सहज भाव से स्वीकार करने में सक्षम होता है और दूसरे लोगों को भी उच्च कोटि का जीवन जीने के लिये प्रेरित करता है।
भगवान श्रीकृष्ण का व्यक्तित्व भारतीय इतिहास के लिए ही नहीं, विश्व इतिहास के लिये भी अलौकिक और अद्भुत व्यक्तित्व है और सदा रहेगा। एक ऐसा व्यक्तित्व जिसकी तुलना न किसी अवतार से की जा सकती है और न ही संसार के किसी महापुरुष से। वे अजन्मा होकर भी पृथ्वी पर जन्म लेते हैं, मृत्युंजय होने पर भी मृत्यु का वरण करते हैं, वे सर्वशक्तिमान होने पर भी जन्म लेते हैं तो कंस के बन्दीगृह में। वे हमारी संस्कृति के एक विलक्षण महानायक थे और सदा रहंगे।
मेरा आप से अनुरोध है कि आप श्रीकृष्ण के चकाचौंध करने वाले वंदनीय पक्ष की जगह अनुकरणीय पक्ष की ओर ज्यादा ध्यान दें ताकि आप भी उन्ही की तरह छल और कपट से भरे इस युग में धर्म के अनुसार आचरण कर सकें तथा जटिलताओं के चक्रव्यूह से न् सिर्फ खुद को बल्कि अपने पूरे समाज को भी निकाल सकें।
श्री कृष्ण का जीवन और दर्शन आपका पाथेय बन जाये। आपका जीवन सदा कृष्णमय बना रहे। आपके भीतर छिपा हुआ ‘कृष्ण’ जल्द ही बाहर आ जाये। आप भी प्रेम, युद्ध एवं हर तरह के संघर्षों में उन्ही की तरह मुस्कराते रहें और आनंदमय बने रहें, ऐसी आज अंतर्मन से प्रार्थना है।
मंगल शुभकामनाएं 💐

भगवद्गीता के माध्यम से इस संसार का मार्गदर्शन करने वाले शाश्वत सनातन भगवान श्री कृष्ण के प्रकटोत्सव की मंगलमय शुभकामनाएं।
प्रेम, ज्ञान और आनंद के प्रतीक मुरलीधर जिन्होंने सिखाया की धर्म और प्रेम की सही परिभाषा क्या है, रिश्ते कैसे निभाये जाते हैं, मर्यादा और सम्मान क्या है, प्रतिबद्धता क्या है, कर्त्तव्य का पालन कैसे किया जाता है, अपने हक के लिये कैसे लड़ा जाता है, जिनकी लीलायें आपको करुणा, दयालुता और क्षमा का महत्व सिखाती हैं उनसे आज प्रार्थना है की वे आपके आत्मसम्मान, आत्म-उत्कर्ष और जीवन-सिद्धि की यात्रा के मार्ग को प्रशस्त करें।
भगवान कृष्ण का ये जन्मोत्सव आपके परिवार के लिए ढेर सारी खुशियाँ लेकर आए, आप सदैव स्वस्थ व प्रसन्नचित्त रहें इन्ही मंगल कामनाओं के साथ आपको एक बार पुनः कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाई 🙏

This is just a reminder that you have something special, you have greatness within you & it’s not just you, it’s all of us – everybody.
Sweetheart, I want you to think of yourself as Golden Buddha, covered in thick layers of clay – your confusions, desperation, laziness, fears, your programming & lots of beliefs that probably no longer serve you.
I have picked this metaphor from the famous story of Clay Buddha (found in Thailand in 1955).
Darling listen – each of us has gold inside. Often, we just have to chip away the outer layers of clay to get to that 5 tons of gold!
I mean – underneath all of the clay that you’ve picked up throughout your journey is something special. The real you, with all of your gifts, talents, potential & greatness.
That’s why I’d say that you actually do not need to spend life in finding what you think is missing…, you just have to remove what’s concealing your real heavenly greatness.
Sweetheart, no matter what your background is or what you’ve gone through, you can achieve all that you want, if you change your priorities, routines, habits & start seeking to transform yourself into a successful individual & greater self.
Today this post is to inspire YOU to tap in to the incredible potential for achievement, happiness & influence that is lying dormant in you, just waiting to be unleashed.
I wish & hope that you stretch, get out of your comfort zone & take some steps of faith to uncover the golden sparkle, your true potential, your light & that greatness which is hidden inside you. Stay Blessed 💐

Today on this teacher day, I would like to share two thoughts with you that were shared with me in early days by someone who I always adored & looked up to as my mentor in life.
First – Our life is a journey of realisations, of experiences & of memories. The more we accumulate each of them, the happier & fulfilled we will be.
Second – we must do more of those things that makes us feel proud of ourself & never do things that makes us feel bad about ourself.
Huge thank you to my family, friends, mentors & coaches for pushing me & helping me become who I am today…
To all the guiding & inspiring lights of our lives – Happy Teachers’ Day! Tons of Blessings 💐

I wish you to know that you can add newness to your life either by creating new things, bringing changes, doing something new or by seeing everything you do with new eyes, new insights & new perspectives.
Sweetheart, you can at least take a route that you haven’t taken before, try a new food or listen to different music & dance 🤭.
The whole purpose of this post is to motivate & encourage you to add newness to your life today & everyday..
Darling listen – do not allow the same sameness, dullness, predictability or lack of freshness to hold you back & make you dull & give you sallow skin. For God’s sake do not be a slave to your daily lousy routines.. Bring some spice, go for a spin & make room for some kind of newness.
Don’t jeopardize your today’s chances, opportunities & possibilities for rubbish!! Use your maximum time & energy in ways that support, uplift & make a positive difference!
I wish & hope that God bless the works of your hands & crown all your efforts with good success. Tons of Blessings 💐

ये ठीक बात है कि हमारे लिए महान संत बन कर जन-जन के हितकारी कार्य करना बहुत मुमकिन बात नही है और न ही पृथ्वी के अंदर गड़े हुए कीमती हीरे और अन्य रत्नों को खोद कर निकालने जैसा कठिन कार्य करना। पर क्या सब के लिये मंगल भाव रखना, मंगल कामना करना और अपना स्वंय का मित्र हो जाना भी कठिन है? जी नही, बिल्कुल नही।
उठते-बैठते, चलते-फिरते, खाते-पीते; हर अवस्था में बस मंगल भाव रखना, मंगल कामना करना और अपना मित्र बने रहने का प्रयास करते रहना भी एक प्रकार की प्रार्थना ही है और ये प्रयास आप अपने कार्यों से, गतिविधियों से या वाणी से कर सकते हैं अथवा मन ही मन में भी कर सकते हैं। जैसा आपको अच्छा लगे, उचित लगे और जो आपके सामर्थ्य में हो।
जब आप मंगल मैत्री, भावना और कामना का निरंतर अभ्यास करते रहते हैं तो जाने अनजाने में यही आपका कर्मकांड बन जाता है और यही पूजा – पाठ – मंत्र – जाप बन जाता है। मैं आपको बता दूं कि ये मंगल मैत्री, भावना और कामना परमात्मा को अति प्रिय है।
आज मैं अपने आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना करता हूँ कि आप को इतनी सुबुद्धि और आत्मबल तो जरूर दे दें जिससे की आप तुरन्त प्रभाव से कम से कम वो काम करने बन्द कर दें जिससे आप हज़ारो बार दुख पा चुके हैं, वो बात करना बंद कर दें जो आपको हज़ारों हजार बार मुश्किल में डाल चुकी है तथा वो व्यवहार करना बंद कर दें जो आपको कई बार धक्के खिलवा चुका हैं।
उन से आज ये भी विनती कि जल्द ही आपके मन और मस्तिष्क की सारी कलुषता धूल जाये, आपके सत्कर्मों में, सत्प्रवृत्तियों में और सदस्वभाव में बढ़ोतरी हो जाये, आपकी दैवी सम्पदा में तेजी से वृद्धि हो जाये तथा आपके घर आंगन में आरोग्य, आनन्द, शान्ति, प्रेम, सुख-समृद्धि की वर्षा सदा होती रहे। मंगल शुभकामनायें 💐
श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।
