माँ कात्यायनी

शारदीय #नवरात्रि का छठा दिन आदिशक्ति जगदम्बा के छठे स्वरूप माँ #कात्यायनी जी के पूजन का दिन है।

खड्ग और कमल पुष्प से सुशोभित माता महिषासुर का वध करने के कारण महिषासुर मर्दनी के नाम से भी विख्यात हैं। माँ की प्रार्थना से हमारी भीतरी और बाहरी बुरी शक्तियों एवं प्रवर्तियों का अंत होता है। नकारात्मक सोच से छुटकारा मिल जाता है।

हमारी सभी बाधायें, अस्वस्थताएं, समस्याएं खत्म हो जाएं, हम सदैव सकारात्मक संकल्पनाओं से भरे रहें, हमारे सभी प्रयास सफल हों और सभी सपने साकार हो जाएं तथा हम जीवन के उच्चतम स्तर तक जल्द ही पहुंच जाएँ, ऐसी मेरी आज माँ भवानी से प्रार्थना है। #जयमातादी 🙏

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