रविवारीय प्रार्थना – सभी के लिये प्रार्थना करना और उन्हें आशीर्वाद देना।

मैं प्रार्थना और आशीर्वाद की शक्ति में पूरे दिल से विश्वास करता हूं और यही कारण है कि मैं न सिर्फ अपने रविवारीय लेख में बल्कि सभी लेखों में आप सभी के लिये अंत मे प्रार्थना करता हूँ, और अपने ईश्वर से आप सब को आशीर्वाद देने के लिये ह्रदय से अनुरोध करता हूँ।

मैं ये शायद इसलिए करता हूँ क्योंकि मैं मानता हूँ कि भगवत्-प्रेम का अर्थ है, सारे जगत को प्रेम करना। क्योंकि जगत केवल एक अभिव्यक्ति है, भगवान की और इस जगत के प्रति प्रेम भाव या अहोभाव रखना ही भगवान के प्रति प्रेमभाव और अहोभाव रखना है।

मैं ये शायद इसलिए भी कर पाता हूँ क्योंकि मैं मानता हूं कि ये जगत हमारी प्रतिध्वनि है। हम जो भी विचार, शब्द और कर्म करते हैं, उसका प्रतिबिंब हमारे जीवन में भी जरूर दिखाई देता है। मेरा ये भी मानना है कि हम जो देते हैं, वही हमे भी मिलता है – ये प्राचीनतम सिद्धांत कर्म के सिद्धांत के रूप में जाना जाता है। ये सिद्धांत कहता है कि हम अपने कर्मों के परिणामों को जरूर भोगते हैं।

इसलिए वही पाने की आशा करो, जो आप दूसरों को दे रहे हो। यदि आप दूसरों को प्रेम, क्षमा, धन्यवाद और आशीर्वाद आदि देते हैं तो आप भी इन्हें अपने जीवन में प्राप्त करने की आशा कर सकते हैं। यदि आप दूसरों के प्रति क्रोध, घृणा रखते हैं, दुर्भावना रखते हैं या अन्य कोई नकारात्मक भाव रखते हैं, तो देर सबेर आप को भी इन भावनाओं का अनुभव करना ही होगा और उसका परिणाम तो आप जानते ही हैं।

मुझे नही मालूम कि मेरे द्वारा की गई अनगिनत प्रार्थनायें आपके या किसी अन्य के हृदय को बदल सकी हैं या नही, काम आयी हैं या नही, पर ये जरूर पता है कि मेरे द्वारा की गई इन निःस्वार्थ भाव की प्रार्थनाओं की शक्ति मेरे पास वापस जरूर आती है। मुझे बड़ा फायदा हुआ है और हो रहा है।

बस यही समझ की आप दैनिक जीवन मे जो कहते – करते हैं वो या तो आपको उनकी कृपा का पात्र बना रहा है या रोक रहा है। बस यही समझ हमारे लिये प्रार्थना है।

आज मैं अपने आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना करता हूँ कि वे आपको प्रेरित करें न सिर्फ अपने तरीकों से दूसरों के लिए प्रार्थना करने और आशीर्वाद देने के लिये, बल्कि अपने काम, विचार, सोच और व्यवहार को बदलने के लिये भी जिससे आप शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक रूप से पूर्ण महसूस कर सकें और आपकी आगे की जीवन यात्रा सार्थक, सुंदर, सरल एवं सुगम हो सके।

मेरी उनसे आज ये भी प्रार्थना है की आपका जीवन और घर-आंगन हमेशा आरोग्य, प्रचुरता, आनंद, माधुर्य, शुभ एवं श्री से परिपूर्ण रहे। मंगल शुभकामनाएं 🙏

श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।।

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