Manifestation • Mindset • Abundance • Blessings Your future self has brought you here. Time to Align, Attract & Evolve, Now🦸
हम सब अपने भीतर परमात्मा को बीज रूप में छिपाये चल रहे हैं, इसीलिए मेरा मानना है कि संभल कर चलना है सावधानी से चलना है। ये मात्र आपके अपने जीवन का सवाल नहीं है, आपके भीतर सारे अस्तित्व ने दांव लगा रखा है ईश्वर ने दावा लगा रखा है। सारा अस्तित्व आपके भीतर से खिलने को आतुर है। उत्तरदायित्व बहुत बड़ा है, बहुत सावधानी से एक-एक कदम रखना, क्योंकि आपसे ही परमात्मा का जन्म होना है, उनको प्रकट होना है।
आज एक पल के लिये जरा सोचियेगा जरूर की आखिर परमात्मा की मौजूदगी हमारे भीतर होने के बावजूद क्यों हमे उनकी अनुभूति नही हो पाती है और क्यों हम उन्हें अपने भीतर से प्रकट होने से वंचित रखे हुए हैं?
इसका मूल कारण मेरी समझ से तो ये है कि हम बस साधन सम्पन्नता के लालच में, और और में पड़ कर, मैं के भरम में पड़कर या यूं कहें कि माया के कारण अपने मूल स्वरूप को तथा मूल उद्देश्य को ही भूल जाते हैं तथा स्वयं को किसी कल्पित रूप में मानने लगते हैं।
बस यही अज्ञान, आत्मज्ञान की कमी, अपने शाश्वत अविनाशी स्वरूप का बोध न हो पाना अर्थात् आत्म विस्मृति ही हमें परम सत्ता की दिव्यता – महानता से एक नही होने देती है, परमात्मा की अनुभूति नही होने देती है, अपने पूर्ण बल, तेज, ओज, आनंद और प्रेम सहित ब्रह्मस्वरूप को हम में से प्रकट नही होने देती है।
आपके संसार को आपके आचार-विचार, आचरण, व्यवहार, स्वभाव एवं गुणधर्मों से ही परमात्मा की अनुभूति होनी है, बस ये याद रखना और इसी समझ को बनाये रखना ही हमारी प्रार्थना है। अत्यंत विकट परिस्थितियों में भी अपनी सोच, विचार, वचनों और अपने कार्यों से उनका रूप, गुण, दिव्यता, सर्वोच्चता, उत्तमता, श्रेष्ठता और महानता प्रकट करने का प्रयास ही हमारी सर्वोच्च प्रार्थना है।
आज मेरे आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना है कि आपके अन्तःकरण में बीज रूप में स्थित परमात्मा का आनन्दस्वरूप – सुखस्वरू – चैतन्यस्वरूप जल्द ही दिखाई देने लगे और आपके वचनों, व्यवहार, स्वभाव और कार्यों से उन के गुणधर्म जल्द ही प्रकट होने लगें।
मैं आज उनसे ये भी प्रार्थना करता हूँ कि आपकी अंतर्यात्रा और आगे की जीवन यात्रा सार्थक, सुंदर, सरल एवं सुगम हो जाये। मंगल शुभकामनाएं 🙏
श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।।
