रविवारीय प्रार्थना – याद रखना की हमें केवल नदी – नालों का पानी पीने से तृप्त नही हो जाना है, मानसरोवरों तक पहुंचना है।

इस धरती पर करोड़ों अरबो लोग हम से पहले आ कर जा चुके हैं और हम उनके नाम तक नहीं जानते हैं। इसीलिए ये कुछ दिन जो आप यंहा हैं उन्हें उदासीनता में, आडम्बर रचाने में, काल्पनिक बातें करने और व्यर्थ, निरर्थक एवं नीच कार्य करने में बर्बाद न करें। हर एक दिन जो इतना महत्वपूर्ण है उसे स्वयं के आत्मसंवरण, उत्कर्ष और स्वयं की उन्नति में लगाये रखना है तथा अपने संसार को सुंदर बनाने में लगाये रखना है।

आज मेरा मकसद है ये बताने का है की ये जो अनमोल उपहार मनुष्य जीवन के रूप में मिला है उसको इस तरह नही बिताया जाना चाहिए, जैसे कि बिताया जा रहा है। ऐसे नही बरबाद करना चाहिए, जैसे कि बरबाद किया जा रहा है। ऐसे नही गंवाना चाहिए, जैसे कि गंवाया जा रहा है। यह महत्वपूर्ण प्रयोजन के लिए है। ओछी रीति-नीति अपनाकर, घटिया और क्षुद्र कार्य करके, शर्मनाक और मूर्खतापूर्ण कृत्य करके, दिन हीन बने रह कर इस अनोखे-अनूठे अनुदान का उपहास बनाना बन्द कर दें।

याद रखिये की हमें केवल नदी – नालों का पानी पीने से तृप्त नही हो जाना है, मानसरोवरों तक पहुंचना है। मेरा मतलब है कि जब हम आपनी मौजूद ऊर्जा, सोच, विचारों और कार्यों से महान ऋषि हो सकते हैं, देवता हो सकते हैं, श्री सम्पन्नता हासिल कर सकते हैं और अमर हो सकते हैं, तो फिर पशुवत आचरण कर के पतन के गर्त में पहुंचने का इंतज़ाम क्यों करना है 🤔????

इसीलिये मुझे लगता है कि अपने दैनिक जीवन को महत्वहीन मामलों और चीजों को करने की बजाय अपने आत्म-उत्कर्ष में लगाये रखना, अपनी उच्चतम संभावना को प्राप्त करने में लगाये रखना, उस असीमित और शाश्वत परम् को खोजने और उसे पाने में लगाये रखना तथा अधिक से अधिक पुण्य फल संचित करने में लगाये रखना ही प्रार्थना है।

अपने स्वयं के अस्तित्व और ईश्वर की हर पल और हर जगह मौजूदगी के प्रति सजग रहते हुए इस दिन को (आने वाले सभी दिनों को) अनेक महान उपलब्धियां प्राप्त करने में लगायें, वैचारिक एवं व्यवहारिक उच्चता और श्रेष्ठता को हासिल करने में लगाये रखना, युगों युंगो तक आपको याद किया जाए और आप आने वाली नस्लों के लिये प्रेरणा का स्त्रोत बन जाएं, इस प्रयास में लगाये रखना भी उन्ही की प्रार्थना है।

मैं आज अपने आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना करता हूँ कि उनकी कृपा से न केवल आपके जीवन मे चमक – दमक और महक बनी रहे बल्कि आप आध्यात्म की चोटी पर भी जल्द ही पहुंच जाएं तथा आपकी कीर्ति सदियों तक अमर रहे।

आपके स्वस्थ, श्री संपन्न और आनंद में झूमते जीवन के लिए मंगल शुभकामनाएं 🙏

केवल एक बात और… इन सभी बातों और लेखों का उद्देश्य केवल इतना है कि इनका प्रभाव आपके भीतर कंही संचित होता रहे और जुड़ जुड़ कर आपको बुद्धत्व प्राप्त करवा दे। आप की छोटी मोमबत्तियां एक साथ जलकर एक दिन प्रकाश का एक ऐसा महान स्रोत बन जाये जो आपको युगों युगों तक इस संसार मे प्रकाशित रखे।

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