रविवारीय प्रार्थना – सकारात्मक सोच बनाये रखना और हर परिस्थिति में मुस्कुराते रहना, नाचते-गाते रहना तथा अपने मन को भ्रम-भय, संशय और अवसाद से दूर रखना।

मैं जानता हूँ कि हर रोज़ एक जैसी बातें लिखने से आपको लग सकता है कि मैं अनुभवहीन या मूर्ख हूँ। लेकिन मैं आपको विश्वास दिलाता हूँ कि मेरे शब्दों का गहरा अर्थ और प्रभाव होता है। वे एक प्रकार के प्रोग्रामिंग कोड हैं, ब्रह्मांड को संकेत हैं की मैं वस्तुतः अपने जीवन में किस प्रकार की वास्तविकता चाहता हूँ या किस प्रकार की स्थिति अपने आस पास बनाने की कोशिश कर रहा हूँ।

क्योंकि मेरा मानना है कि आप स्वयं में एक शक्ति हैं जो अपने विचारों और भावनाओं के माध्यम से अपने आसपास के वातावरण को बदल सकते हैं। जो इस जगत को अपनी हंसी से, ख़ुशी से, गीतों से, नृत्य से और सकारात्मक विचारों से अपने आसपास के वातावरण को बदल सकते हैं, पूरी की पूरी हवा को बदल सकते हैं। 

प्रकृति का एक महान नियम है – आकर्षण का नियम। आकर्षण का नियम एक दर्शन है जो बताता है कि सकारात्मक विचार और भावनाएं सकारात्मक परिणामों को आकर्षित करती हैं, जबकि नकारात्मक विचार और भावनाएं नकारात्मक परिणामों को आकर्षित करती हैं। यह “नियम” स्वास्थ्य, वित्त और रिश्तों सहित जीवन के सभी क्षेत्रों पर लागू होता है।

लेकिन ये कोई जादुई ऊर्जा नहीं है जो आपको बैठे-बैठे सुख-समृद्धि, सौभाग्य, बेहतर स्वास्थ्य या आध्यात्मिक उन्नति दिलासकती। यह सब आपके मनोविज्ञान और आपकी मानसिकता पर निर्भर करता है। ये सब आप जो दिन प्रतिदिन सोचते हैं या करते हैं उसके बारे में है।

इसीलिए मेरा मानना है कि हर दिन अच्छे कार्य के लिए प्रयास जारी रखना, विनम्रता, सद्भाव, सकारात्मक सोच बनाये रखना प्रार्थना है। अपने मन को भ्रम-भय, संशय, व्याकुलता, तनाव और अवसाद से दूर रखना प्रार्थना है। हर परिस्थिति में मुस्कुराते रहना, नाचते-गाते रहना प्रार्थना है।

मैं आज अपने आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना करता हूँ कि वे आपके मन को स्वस्थ, प्रसन्नचित्त और सकारात्मक बनाये रखने में आपकी मदद करें तथा आपके अंतःकरण में शुभ संकल्प जागृत रखें जिससे आप को इहलोक और परलोक की समस्त अनुकूलताएँ सरलता और सहजता से अर्जित हो सकें।

आपके स्वस्थ, श्री संपन्न और आनंद में झूमते जीवन के लिए मंगल शुभकामनाएं 🙏

श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।

Leave a comment