रविवारीय प्रार्थना – रंगोत्सव तथा होलिका दहन के असली (आध्यात्मिक) मतलब – इशारे को समझने और अपने जीवन में सही मायनों में उतारने का प्रयास।

प्राकृतिक संसाधनों, आनंदोत्सव और सुख सामग्रियों से धरती माता की गोद भरी पड़ी है। किसी भी चीज का कहीं कोई अभाव नहीं है। अगर कोई अभाव है तो वो है आपकी रुचि में, प्रयासों में या भावना में।

यह बात होली के त्योहार पर भी लागू होती है। ऐसा आनंद उत्सव, इतना बड़ा सतरंगी उत्सव पृथ्वी पर कहीं भी नहीं है। लेकिन हंसी के फव्वारों से भरे नाचने-गाने और मस्ती से भरे इस वसंत के महोत्सव को भी लोगों ने दुष्टता करने का दिन बना दिया है।

रंग भी पोतते हैं तो ऐसी दुष्टता से पोतते हैं कि रंग तो सिर्फ बहाना ही होता है, दुष्टता ही असली चीज होती है। आप उनको रंग भी पोतते देखो तो आप देख लोगे कि रंग पोतना उनका इरादा नहीं है, इरादा तो आपको सताने का है, कोई बदला लेने का है। रंग भी ऐसा खरीद कर लाते हैं कि आप धो-धो कर मर जाओ तो निकल न सके। खुशबूदार गुलाल की बजाय एक दूसरे पर कीचड़ डाल कर, डंडे या अंडे मार कर इस रंगों का उत्सव को क्यों मनाना है, समझ से बाहर है।

जो करना हो वो करें – आपकी मर्जी है, आपकी किस्मत है, आपका जीवन है। लेकिन इतना जरूर कहूंगा कि बातें बिल्कुल साफ हैं। क्या सही है, क्या गलत है, ये बिल्कुल साफ है। क्या करना है, क्या पाना है, क्या नहीं करना है और किन चीजों को छोड़ना है, ये एकदम साफ है। फिर किसी से मत कहना कि हमें किसी ने चेताया नहीं। दूसरों को यह सुविधा है कहने की कि उन्हें किसी ने चेताया नहीं, लेकिन आपको नहीं है, क्योंकि मैं आपको रोज चेता रहा हूं 🤭।

इसलिए कृप्या विनम्र, प्रेमपूर्ण और धैर्यवान बने रहें। अपनी चेतना को किसी भी बहाने से ऊर्ध्वगामी बनाए रखें और जो कल के रंगोत्सव तथा आज के होलिका दहन का जो असली (आध्यात्मिक) मतलब है – इशारा है उसे समझने और अपने जीवन में सही मायनों में उतारने का प्रयास करते रहें।

दैनिक जीवन के उत्तरदायित्वों को पूर्ण करने के उपरांत, अपने मन को व्यर्थ के वितण्डवाद एवं उद्वेगकारक बातों से बचाकर ईश्वर-चिन्तन में तथा उच्चतम लक्ष्यों की प्राप्ति में लगाये रखना ही प्रार्थना है।

आज मेरे आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना है कि प्रकृति का हर सुखद रंग आपके जीवन में तेजी से समाहित हो जाये और आपका जीवन जल्द ही एक नई ताजगी, एक नई रंगीनी एवं एक नई ऊर्जा से भर जाये तथा आप अपने परिवार और समाज को जल्द ही अंतहीन गौरव प्रदान कर पाएं।

आप को शतायु, स्वस्थ और सानन्द जीवन के लिए ढेर सारी मंगल शुभकामनाएं।

श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।

होलिका दहन की हार्दिक बधाई व अनंत शुभकामनाएं…💐

Leave a comment