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शुभ दशहरा 🙏
सदियों से हम सब देखते जानते आ रहे हैं कि रावण कैसा था? अपनी ज़िद, अपने क्रोध, अहंकार, लालच और नकारात्मकता के चलते न सिर्फ उसने अपना साम्राज्य बल्कि अपने समूचे कुल को गंवा दिया। उसने एक बार भी नहीं सोचा कि उसके कर्मों का फल न सिर्फ उसे बल्कि उसके सगे सम्बन्धियों को भी भुगतना पड़ेगा।
क्या आपने कभी सोचा है कि हममें से भी कितने लोग रावण के ही नक्शेकदम पर चल रहे हैं, जाने अनजाने में वही गलतीयां कर रहे हैं, दुहरा रहे हैं जो उसके नाश की वजह बनीं। छोटी-छोटी बातों पर गुस्सा करना, दूसरों को नीचा दिखाना, छल कपट करना, अपना लोभ-लालच एवं स्वार्थ पूरा करने के लिये किसी भी हद तक चले जाना – ये सब रावण के स्वभाव, उसके जैसे गुणों को ही तो दर्शाते हैं।
इसीलिए आज का यह विशेष दिन आत्मचिंतन का दिन होना चाहिए, आत्मविजय, आत्मशुद्धि और अपनी उच्चतम संभावनाओं को प्राप्त करने का, अपने उच्चतम आध्यात्मिक लक्ष्यों एवं उपलब्धियों की ओर अग्रसर होने का दिन होना चाहिए।
आज सम्पूर्ण लोकों में सबसे सुंदर और सभी के ईश्वर – प्रभु श्री राम की कर्तव्यपरायणता, दया, करुणा, वात्सल्य, न्याय, क्षमा, उदारता, आत्मीयता आदि महानता का स्मरण करने और उनके गुण धर्म को धारण कर वैसे ही स्वयं को बनाने का संकल्प लेने का दिन है।
मैं आज प्रभु से और माँ भगवती से प्रार्थना करता हूँ कि आपके अंतस में समाहित शुभत्त्व, रामतत्व व उनके सद्गुण जल्द ही जग जायें तथा मन पवित्र और शांत हो जाये जिससे आपके जीवन और घर-आंगन में शुभता और मांगल्य की वर्षा सतत होने लगे तथा आपके पैरों में युग-परिवर्तन की गति आ जाये।
आपके अपार सुख, उत्तम स्वास्थ्य और समृद्धि की मंगलकामना के साथ #विजयादशमी की आप को एक बार पुनः हार्दिक शुभकामनाएं।
