रविवारीय प्रार्थना – सोच और कार्योंके उत्कृष्टता लेन का प्रयास।

हर कोई चाहता है कि उसका जीवन खुशियों से भरा हो, वह सफलता के शिखर को छू सके और मंगलमय परिस्थितियों एवं व्यक्तियों से सम्पर्क रहा करे। क्या आप जानते हैं कि यह सपना हकीकत में भी बदल सकता है? बस आपको अपनी सोच को, दृष्टिकोण को हल्का सा बदलना होगा।

सिकंदर और बुद्ध, दोनों ही महान व्यक्तित्व थे, लेकिन उनकी सोच एकदम अलग थी। सिकंदर संसार को जीतना चाहता था, जबकि बुद्ध संसार को समझना चाहते थे। कुछ लोगों के लिये स्वर्ग यंही है और कुछ के लिये केवल मरने के बाद परलोक में। हर किसी का संसार अलग अलग है, सोच अलग अलग है और यही सोच और उससे प्रभावित हमारे प्रयास और कार्यशैली हमारे जीवन को आकार देती है।

उम्मीद है मेरी बात समझ आयी होगी उसके पीछे का भाव समझ आया होगा 🤔

आज बस यही की जो जानते हैं वो बस एक बूंद के बराबर है और जो नही जानते हैं वो समुंदर के समान – यही समझ बनाये रखना प्रार्थना है। अपने कार्य और सोच में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयासरत रहना ही प्रार्थना है। इसीलिये प्रभु के अहोभाव में भरे रह कर उनका नामजप करना, सत्संग करना और आत्मिक जागरण एवं संवरण की ओर प्रेरित रहना प्रार्थना है।

आज मेरे आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना है कि इस बार की दीपावली के दीपक आप के दिल को और आपके घर आंगन को सदा रोशन करते रहें। शुभता और मांगल्य की वर्षा सतत होती रहे।

उनसे ये भी प्रार्थना है कि आपकी जीवन यात्रा पहले से अधिक सरस और सुगम हो जाये। आप स्वस्थ रहें, प्रसन्नचित्त रहें तथा आपका अन्तःकरण सदा शुभ, धार्मिक – आध्यात्मिक बना रहे। मंगल शुभकामनाएं 💐

श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।।

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