Manifestation • Mindset • Abundance • Blessings Your future self has brought you here. Time to Align, Attract & Evolve, Now🦸
आप दुनिया के सबसे महान इंसान बन सकते हैं बस अगर आपको ये समझ आ जाएं कि समझना क्या है और समझना किसे है। पर वास्तव ये समझना बड़ा ही मुश्किल काम है 🤭।
साध- संग और मेरे इन रविवारीय लेखों का यही एक मात्र लक्ष्य है कि हमें ये समझ आ जाये कि क्या समझना है और क्या करना है जिससे की हमें उच्चतर भगवद लक्ष्यों की पूर्ति हो सके, श्रेष्ठताओं की सिद्धि हो सके तथा जीवन की महानता उजागर हो सके।
मैं आज आपसे एक महत्वपूर्ण सत्य साझा करना चाहता हूँ: यदि आप स्वयं को जानना, समझना और रूपांतरित करना सीख जाएँ, तो आपका हर क्षण दिव्यता, महानता और अनंत ऊर्जा से परिपूर्ण हो सकता है। यह बाहरी दुनिया केवल आपके आंतरिक जगत का प्रतिबिंब है; परिवर्तन बाहर नहीं, बल्कि भीतर घटित होना है। यदि यह सरल सत्य आपकी समझ में आ जाए, तो जीवन एक सहज खेल बन जाता है। अन्यथा, मैट्रिक्स अपने ढंग से खिलाती रहेगी।
परिस्थितियों को या इस दुनिया को बदलना आपके बस की बात नहीं है। जरा सोचियेगा की अगर परिस्थितियां बदलना या ये दुनिया बदलना किसी के हाथ मे होता तो क्या कोई बूढ़ा व्यक्ति बूढ़ा रहता? क्या इस दुनिया मे इतने पापाचार होते? क्या ये जो चारों तरफ हो रहा है वो हो रहा होता? नही, बिल्कुल भी नही। बेकार की बातों को सोचेंगे, असंभव बातों की कल्पनाएँ-मान्यताएँ बनाकर के बैठेंगे तो सिवाय हैरानी के कुछ आपके पल्ले पड़ने वाला नहीं है। आप हैरानी में न पड़ें, जो उचित है, उसी को विचार करें, जो सम्भव है, उसी में हाथ डालें। आपके हाथों में ये सम्भव है कि अपने मन को बदल दें। अपने ढर्रे को बदल दें, अपने रवैयों को बदल दें, अपने सोचने के तरीके को बदल दें, अपने स्वभाव को बदल दें। यह बदल देना आपके लिये बिलकुल सम्भव है।
बस यही धार्मिक चित्त सदा बनाये रखना ही प्रार्थना है। स्मरण रखें कि धार्मिक चित्त सदा सोचता है कि मुझे क्या करना है, मुझे कैसे बदलना है, मुझे अपने साथ क्या करना है (अधार्मिक चित्त सदा सोचता है कि दूसरों के साथ क्या किया जाए, दूसरे कैसे बदले जाएं)। इसीलिए अपने अंतर्मन के नकारात्मक, मलिन और पापपूर्ण विचारों को सकारात्मक, दिव्य और पवित्र विचारों में बदलने का प्रयास एवं नकारात्मक ऊर्जा को सकारात्मक ऊर्जा में परिवर्तित करने का प्रयास ही प्रार्थना है।
मैं आज अपने आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना करता हूँ कि उनके आशीर्वाद से आप तीव्र गति से आत्म-परिवर्तन के मार्ग पर अग्रसर हों तथा आपके सामर्थ्य, आपकी योग्यता, आपकी पात्रता और आपके पुण्य कर्मों के संचय में निरंतर वृद्धि हो जिससे कि आप अपने जीवन में समृद्धि, दिव्यता और उत्कृष्टता के उच्चतम स्तर को वास्तव में प्राप्त कर सकें।
आप सदा स्वस्थ और प्रसन्नचित्त रहें, इन्ही मंगलकामनाओं के साथ आप को प्यार भरा नमस्कार 🙏
श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।।
