Manifestation • Mindset • Abundance • Blessings Your future self has brought you here. Time to Align, Attract & Evolve, Now🦸
अभी एक दो दिन पहले एक विवाह समारोह में जाने का मौका मिला जंहा मेरे मन में एक विचार कौंधा। कुछ लोग तो ऐसे होते हैं जो नाचना-गाना बिल्कुल नहीं छोड़ते। कुछ भी बज रहा हो, कोई भी संगीत हो, और उन्हें कितना भी समझाओ जाए कि अब बस करो और चलो, वे मानते ही नहीं। बस अपनी ही धुन में नाचे जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुछ ऐसे लोग भी होते हैं जो बिल्कुल भी नहीं नाचते गाते। कितना ही सुंदर गीत संगीत हो, कितने हो लोग नाच गा रहे हों, उन्हें कितना भी ज़ोर लगाओ या पकड़ पकड़ कर लाने की कोशिश करो, वे अपनी कुर्सी से हिलते भी नहीं 🤭🤫🤭🤫
मेरे आज के रविवारीय लेख का आधार यही सरल उदाहरण है। मेरे अनुसार ये जो कुछ लोग विवाह समारोह में बेफिक्र होकर टूट कर नाचते हैं, क्योंकि आनंद उनके भीतर से सहज रूप से उमड़ रहा होता है—न किसी दिखावे के लिए, न किसी दबाव में—ठीक उसी प्रकार जीवन के हर पहलू की जड़ हमारे अंतर्मन में होती है। नाचना-गाना तो दूर, हमारी आध्यात्मिक और धार्मिक सोच, हमारे शुभ कर्म और हमारी पूजा पाठ या प्रार्थना भी तभी सार्थक होती है जब वे भीतर से उपजें। अन्यथा, बाहरी प्रभाव कितने भी शक्तिशाली क्यों न हों—चाहे देवदूतों का आगमन हो या वेद, पुराण और महान ग्रंथों का ज्ञान—यदि आपका आंतरिक मन तैयार नहीं है, तो आप वैसे के वैसे ही रह जाते हैं। आप उस चिकने घड़े के समान बने रहते हैं जिस पर वर्षा की कितनी ही बूँदें पड़ें, आपको भिगाये बगैर ही फिसल जाती हैं 🤪
आज के मेरे लेख का मूल उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि हमारा बाहरी जीवन हमारे आंतरिक मन का ही प्रकटीकरण है, मानो एक मौन प्रार्थना। यदि आपका हृदय उदासी और नकारात्मकता से बोझिल है, यदि आप अपने ही अहंकार, दुख या शोरगुल में खोए हुए हैं, तो बाहर बजता मधुर संगीत भी अनसुना रह जाएगा और नृत्य करते लोग भी अदृश्य हो जाएँगे। इसके विपरीत, यदि आपका मन प्रफुल्लित और प्रेम से ओतप्रोत है, तो चाहे कोई दूसरा नाचे या न नाचे, चाहे कोई आपको बुलाए या न बुलाए, अवसर मिलते ही आपके भीतर का सन्तोष, आनंद, आपके अपने जीवन की धन्यता और प्रसन्नता स्वतः ही नृत्य करने लगेगी। इसलिए, बदलाव बाहर से नहीं, बल्कि हमारे भीतर की गहराई से शुरू होता है।
आज मेरे आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना है कि आपको सत्य, ईश्वरीय कृपा और स्वयं की झलक मिलने लगे, चारों ओर जो आनंद का झरना बह रहा है उसकी झलक मिलने लगे जिससे कि बेवजह की शिकायत, आदतन निंदा और विरोध करने की बजाये आपका मन प्रेम, उल्लास, उमंग और उत्साह से भरा रह सके और वो कर सके जो आपको करना चाहिये या आप कर सकते हैं।
आज प्रभु जी से ये भी प्रार्थना है कि आप सदा प्रेम से भरे रहें, प्रफुल्लित और स्वस्थ रहें, और हर पल ऐसे तैयार रहें की जैसे वसंतोत्सव या मधुमास कभी भी आ सकता है—मंगल गीत गाने, घुंघरू बाँधने और ढोल पर थाप देने का क्षण बस आने ही वाला है, और आपकी देह नाचने के लिए बस एक मौके की तलाश में है 🕺🕺
चलिये सब मिलकर मंगल की कामना करते है की न सिर्फ आज का दिन बल्कि हर दिन हम सब के लिये शुभ हो, मंगलमय हो व उत्सवपूर्ण हो। इन्ही सब मंगलकामनाओं के साथ आपको नमस्कार 🙏
श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।
