रविवारीय प्रार्थना – दूसरों के लिए आसानीयां पैदा करना न कि परेशानीयां। एक ‘आशीर्वाद’ बनना, न कि ‘अभिशाप’ 🙏

आज रविवार है—ठहरने, भीतर झाँकने और उन छोटी छोटी बातों को समझने का दिन, जिन्हें हम भागदौड़ में अक्सर भुला देते हैं। क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि आपके जीवन में जो यह सुगमता है, सुकून है, जो बिना माँगे मिली सुख-सुविधाओं की विरासत है, ठंडी हवा का खुशबू भरा झोंका है वह केवल आपकी अपनी दौड़-धूप का नतीजा नहीं है?

दरअसल, आज आप जिन घने पेड़ों की छाँव का आनंद ले रहे हैं, उनके बीज बरसों पहले आपके पूर्वजों ने बोए थे। आप आज उन लोगों की अनजान दुआओं, प्रार्थनाओं और कड़े संकल्पों के फल को चख रहे हैं जिनसे शायद आपका कभी परिचय भी नहीं हुआ है। हो सकता है कि पर्दे के पीछे से दिया गया कोई निस्वार्थ आशीर्वाद आज भी आपकी राह में फूल बनकर बिछा हुआ है।

इसीलिए यहाँ एक गंभीर दायित्व खड़ा हो जाता है: आप आज क्या बो रहे हैं? आपका किया गया कर्म, आपकी ऊर्जा, आपका व्यवहार और आपकी उपस्थिति दूसरों के लिए क्या पैदा कर रही है— आसानी या परेशानी, सृजन या विध्वंश, बर्बादी या निर्माण।

इस दुनिया में बस दो ही तरह के लोग होते हैं। एक वे, जो औरों की राहें आसान बनाने का हुनर जानते हैं, और दूसरे वे, जो सिर्फ परेशानियाँ खड़ी करने में माहिर हैं। आप अभी किस श्रेणी में आते हैं, यह आपकी अंतरात्मा जानती है 🫣। और आपको कहाँ होना चाहिए, इसका जवाब भी आपके पास है। मुझे कुछ नहीं कहना है या बताना है आपको 🤫

लेकिन एक बात मैं जरूर जानता हूं कि आध्यात्मिकता की राह में, पूर्वजों और फरिश्तों की दिव्य शृंखला में स्वयं को अहोभाव से भरे रखना, किसी के लिए मार्ग प्रशस्त करना, किसी के लिए निस्वार्थ भाव से प्रार्थना करना, किसी के चेहरे पर मुस्कुराहट लाना, किसी का बोझ हल्का करना, सभी दूसरे लोगों के प्रति करुणा का भाव और समभाव रखना मात्र समाज सेवा या आध्यात्मिकता नहीं है— हमारी प्रार्थना है।

सोचिए, यदि यही समझ, अगर आपका बदला हुआ स्वभाव आपको ईश्वर के करीब ले जाएगा, तो क्या आप आज से ही स्वयं को एक आशीर्वाद बनने का संकल्प लेंगे?

आज मेरी अपने आराध्य प्रभु जी से प्रार्थना है कि उनकी कृपा आप पर कुछ इस तरह बरसे कि आप जहाँ भी कदम रखें, वहाँ से तनाव का अंधेरा छंट जाए और परम तृप्ति का उजाला फैल जाए। आप जहाँ भी हों, वहाँ उलझनों को सुलझाने वाला एक ‘सहज हाथ’ बन जाएँ और दूसरों के लिए जीवन को एक उत्सव बना दें, न कि एक बोझ। आपकी ऊर्जा लोगों के लिए राहत का एक झोंका हो, न कि कोई व्याकुलता। आपकी वजह से किसी के चेहरे पर खिलखिलाती मुस्कान आए, न कि माथे पर कोई शिकन। और सबसे सुंदर यह कि आपके भीतर की शांति और संगीत दूसरों के जीवन के बेसुरापन को भी एक मधुर राग में बदल दे। ईश्वर करे, आपकी मौजूदगी हर किसी के लिए एक आशीर्वाद बन जाए।

आज प्रभु से ये भी विनती है कि कि आने वाला प्रत्येक नया दिन आप के लिये शुभ समाचार लाये, नई खुशियाँ, अच्छा स्वास्थ्य, आनंदोत्सव और भव्य सफलतायें लाये। मंगल शुभकामनाएं 💐

श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।।

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