प्रार्थना, परमात्मा और हम लोग।

क्या आप प्रार्थना सिर्फ इसलिये करते हैं की आप परमात्मा के विधि के विधान को बदल देंगे या इसलिए करते हैं कि परमात्मा को बताए कि वो गलती में हैं और अपनी गलती जल्द ही सुधार लें। कमाल ही है 🤣। ईश्वर सबके ह्रदय में है और आपमें भी है। वह जानता है कि आपके लिए सबसे उत्तम क्या है। मेरे विचार में प्रार्थना तो वह शुद्ध क्षण है, जब आपका और उस विराट स्वरूप का मिलन होता है। प्रार्थना मांग नहीं, खुद में से ‘मैं’ को निकाल कर उन्हें सौंप देने की प्रक्रिया है। प्रार्थना आपके गहरे मन के विचारों को पूरा करने के लिये आपके मन को ही उसमें संलग्न हो जाने में मदद करती है। आपकी सूक्ष्म शक्तियां, जिनका आपको खयाल नहीं है, को उन विचारों को पूरे करने के लिए तत्पर करती है। परमात्मा सेे निवेदन है कि आप मे वो गुण एवं उर्जा जल्द ही उत्पन्न तथा प्रकट हो जाये जिससे की आप अपने सभी लक्ष्यों को प्राप्त कर पायें। आपके सभी कष्ट, कशमकश, असमंजस और संकट की स्थिति का जल्द ही अंत हो जाये। आपके जीवन की दैनिक क्रियाओं में अधिक सकारात्मकता, सहजता और सरलता आ जाये। आपको जल्द ही पूर्णता, प्रसन्नता और आनंद की प्राप्ति हो जाये। मंगल शुभकामनायें।

Stay Inspiring!

How about being able to live a life having no yesterdays & no tomorrows. How about being able to cease to think of time deliberately. How about being able to forgive your world undeviatingly. How about being able to start living in peace now rather than resting in peace later.