प्रार्थना

हम सब इस सच्चाई को बखुबी जानते हैं कि इस सृष्टि में प्रत्येक जीव में ब्रह्मत्व है, दिव्यत्व है। अपने इसी प्रभुत्व को इसी जीवन मे अनुभव कर लेना या पा लेना – तकरीबन हम सभी का लक्ष्य है। उम्मीद है आपका भी होगा?

अपनी जड़ता, मूर्खता, पशुता, लोभ-धूर्तता, क्षुद्रता-नीचता को खत्म करते हुऐ, स्वयं में समाहित इसी अनन्तता -भगवत्ता और आनंद के स्त्रोत को अनुभव करना, जगाना, पहचानना और उसे प्रकट करने के निरन्तर प्रयास को ही प्रार्थना कहते हैं। न सिर्फ खुद इस अमृत कलश को प्राप्त करना है बल्कि दूसरों को भी उनके दिव्यत्व का अहसास करवाना है – यही कोशिश हमारी प्रार्थना है।

परमात्मा से प्रार्थना है की आने वाला प्रत्येक नया दिन आपके जीवन में अनेकानेक सफलतायें, सौभाग्य और खुशियां लेकर आए, आपकी सभी स्थितियां और परिस्थितियां आपके अनुकूल हो जायें तथा आपकी सभी मुश्किलों और उलझनों का जल्द ही अंत हो जाये। मंगल शुभकामनाएं।

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