Category: प्रार्थना, परमात्मा और हम लोग

रविवारीय प्रार्थना: “मैं कैसा दिख रहा हूँ?” इसकी चिंता करने के बजाय, इस बात का चिंतन करना कि “प्रभु को मेरे भीतर क्या दिख रहा होगा?”

ज्यादातर लोगों ने अपने जीवन को एक सजी-धजी सोशल मीडिया टाइमलाइन में तब्दील कर दिया है—जहाँ हर साँस केवल दूसरों को प्रभावित करने के लिए है और हर कार्य एक ‘लाइक’ बटोरने का विज्ञापन। हमने ‘दिखने’ की कला में इतनी महारत हासिल कर ली… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना: “मैं कैसा दिख रहा हूँ?” इसकी चिंता करने के बजाय, इस बात का चिंतन करना कि “प्रभु को मेरे भीतर क्या दिख रहा होगा?””

रविवारीय प्रार्थना – पशु, पक्षी, पौधे और करोड़ों वर्षों के संघर्षों को पार कर मिले इस बार के मनुष्य जीवन को यूंही नहीं गंवाना।

कहाँ है ईश्वर? ज्ञान, आध्यात्म या धर्म असल में क्या हैं हम साधारण लोगों के लिए? ये प्रश्न सदियों से हमारे भीतर उठते रहे हैं—और अक्सर अनुत्तरित ही रह जाते हैं। हर रविवार मैं भी आपकी तरह इन्हीं पेचीदा सवालों के धागे सुलझाने की… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – पशु, पक्षी, पौधे और करोड़ों वर्षों के संघर्षों को पार कर मिले इस बार के मनुष्य जीवन को यूंही नहीं गंवाना।”

रविवारीय प्रार्थना – अपनी भूलों और गलतियों के प्रति जागरूक रहना, अपने भीतर को परिष्कृत और अपने ‘मैं’ को खत्म करने का निरंतर प्रयास करना तथा उनका नामजप करना।

रविवार की शांत सुबह मेरे लिये आत्म-चिंतन का निमंत्रण  होती है। यह वह समय है जब मैं उन अनुभूतियों को – बातों को समझने और शब्द देने की कोशिश करता हूँ, जो किसी अदृश्य ऊर्जा, पितरों, गुरु-सत्ता या उस ‘बोधिसत्व चेतना’ की प्रेरणा से… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – अपनी भूलों और गलतियों के प्रति जागरूक रहना, अपने भीतर को परिष्कृत और अपने ‘मैं’ को खत्म करने का निरंतर प्रयास करना तथा उनका नामजप करना।”

श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई 💐💐

मेरे आराध्य प्रभु श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई 💐💐 आज संकटमोचन श्री हनुमान जी के चरणों में यही करबद्ध प्रार्थना है कि उनका अनंत आशीष-अनुग्रह हम सब पर सदैव बना रहे तथा उनकी वह दिव्य शक्ति, जो दुर्गम से लगने वाले… Continue Reading “श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई 💐💐”

रविवारीय प्रार्थना – रावण की उस बेचैन ‘अपूर्णता’ से राम की सहज ‘पूर्णता’ तक की यात्रा।

आज रविवार को मैं दुबारा उन साधारण सी बातों को आपसे साझा कर रहा हूँ जिन्हें समझना साधारण लग सकता है, लेकिन जीना जीवन बदल देने वाला है। अभी रामनवमी का पावन पर्व बीता है और बधाई संदेशों के शोर के बीच एक बात… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – रावण की उस बेचैन ‘अपूर्णता’ से राम की सहज ‘पूर्णता’ तक की यात्रा।”

दुर्गाष्टमी और रामनवमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाइयां 💐💐

दुर्गाष्टमी और रामनवमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाइयां 💐💐 मैं कालका माई से प्रार्थना करता हूँ कि वे आज आपको उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय जीवन का वरदान दें और आपका जीवन शीतलता एवं सुंदरता से भर दें। भगवती आपके भीतर वह विवेक और… Continue Reading “दुर्गाष्टमी और रामनवमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाइयां 💐💐”

रविवारीय प्रार्थना – सरोवर सी शीतलता या ज्वालामुखी सा क्रोध: अपनी मनोदशा की ताजी स्थिति को समझ कर उसे परिष्कृत करना।

मित्रों, राम राम। आज रविवार की सुबह फिर कुछ बातें, जो श्रेष्ठ जनों ने कही और लिखी हैं, उन्हें गहराई से समझने और अपने जीवन में उतारने के लिए लिखी हैं। हर रविवार मैं इन शब्दों को आप तक पहुँचाता हूँ ताकि हम सब… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – सरोवर सी शीतलता या ज्वालामुखी सा क्रोध: अपनी मनोदशा की ताजी स्थिति को समझ कर उसे परिष्कृत करना।”

हिंदू नववर्ष संवत् 2083 एवं चैत्र नवरात्रि की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।

हिंदू नववर्ष संवत् 2083 एवं चैत्र नवरात्रि की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। जगज्जननी कालका माई से आज यही प्रार्थना है कि इस बार नवरात्रि के ये नौ दिन हमें जड़ता से चैतन्य और अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए और हमारे सभी… Continue Reading “हिंदू नववर्ष संवत् 2083 एवं चैत्र नवरात्रि की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ।”

सबका भला सर्बत्त दा भला – अरदास करना ही सही मायने में उनकी प्रार्थना है।

ईश्वर ही इस सारी सृष्टि का परम सत्य है और इसका सार है। और यदि ईश्वर सबकी निजी अपेक्षाओं, इच्छाओं या धारणाओं के आधार पर इस सृष्टि को चलाना शुरू कर दें तो इस ब्रह्मांड का संतुलन और उसकी सहज व्यवस्था पल भर में… Continue Reading “सबका भला सर्बत्त दा भला – अरदास करना ही सही मायने में उनकी प्रार्थना है।”

अपने अंतस के राम को और महिषासुरमर्दिनी को एक साथ जागृत करने का पर्व है – दशहरा।

असुरत्व पर देवत्व के विजयपर्व दशहरा की बधाई और हार्दिक शुभकामनायें। दशहरा का यह प्रेरणा पर्व हमारे मन में छाई हुई निराशाओं के बीच आशा का संचार करता है। यह त्यौहार हमें संदेश देता है की सदा सदा से उजाला ही विजयी हुआ है… Continue Reading “अपने अंतस के राम को और महिषासुरमर्दिनी को एक साथ जागृत करने का पर्व है – दशहरा।”