Category: प्रार्थना, परमात्मा और हम लोग

देवता और असुर – असली मतलब!

देवता और असुर शायद मनुष्य की ही दो श्रेणीयां हैं। देवता वे हैं जिन्हें अपने से ज्यादा दूसरों की प्रशंशा करने में अच्छा लगता है, दूसरों को प्रोत्साहित करने में आनन्द आता है, खुद की बजाये दूसरों पर फूल बरसाना अच्छा लगता है। जिनको… Continue Reading “देवता और असुर – असली मतलब!”

प्रार्थना

सृष्टि की उत्पत्ति और इसकी स्वयं प्रेरित तथा स्वचालित व्यवस्था ईश्वर के अस्तित्व का प्रमाण है। ये सच लगभग हम सब जानते हैं। असल मे तो जीवित रहने की लगभग सभी जरूरी क्रियायें मेरे या आपके सोचने या करने से संबंधित ही नहीं है।… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

हमारे वेद बताते हैं कि सच्चिदानन्द ईश्वर तो आकार से रहित निराकार है। ईश्वर के असली रूप की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। कम से कम हम जैसे साधारण बुद्धि वाले मनुष्य तो नही कर सकते हैं। इसलिए हम अपनी अपनी कल्पना… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

हम सब इस सच्चाई को बखुबी जानते हैं कि इस सृष्टि में प्रत्येक जीव में ब्रह्मत्व है, दिव्यत्व है। अपने इसी प्रभुत्व को इसी जीवन मे अनुभव कर लेना या पा लेना – तकरीबन हम सभी का लक्ष्य है। उम्मीद है आपका भी होगा?… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

आज पहली बात तो ये की देवताओँ और असुरों का अलग कोई अस्तित्व नहीं है। एक ही व्यक्ति में दोनों मौजूद हैं। आप का बेवजह क्रोध, घृणा, ईर्ष्या, या किसी के खिलाफ लगातार नाराजगी, अनिवार्य रूप से आपके असुरत्व को प्रगट करता है और… Continue Reading “प्रार्थना”

राम जैसा नाम और प्रतिष्ठा पर रावण जैसी सोच तथा जीवनशैली।

जब लोग ये मानने लगें हैं कि समस्त धर्मों ने आदमी का शोषण किया है, तो मैं ये बता दूँ कि हमारे धर्म ने, शास्त्रों ने और किसी भी अवतार ने हमे पापी नहीं कहा है। उन्होंने तो सभी को ब्रह्म—स्वरूप माना है। वेद,… Continue Reading “राम जैसा नाम और प्रतिष्ठा पर रावण जैसी सोच तथा जीवनशैली।”

आप जिसे ढूंढ रहे हैं, आप वही हैं।

आप जिसे ढूंढ रहे हैं, मेरा विश्वास करिये, आप वही हैं। 100%। आप जरा खुद के भीतर झाँकिये तो। अपने पूर्णत्व को, अपनी श्रेष्ठता, उच्चता, योग्यता तथा अपने दिव्य सामर्थ्य को जरा पहचानने की कोशिश तो करिये। और हाँ, जो खूबियां या देवत्व आप… Continue Reading “आप जिसे ढूंढ रहे हैं, आप वही हैं।”

संघर्ष ही सफलता की सीढ़ी है।

क्या आप इस बात से सहमत हैं कि कोयला ही हीरा बनता है? या यूँ कहे कि कोई भी कार्बन आधारित पदार्थ चाहे वो राख ही क्यों न हो, हीरों में परिवर्तित होने का नर्संगिक गुण रखते हैं। सदियों तक जमीन में गहरे दबे… Continue Reading “संघर्ष ही सफलता की सीढ़ी है।”

सोने का नही जागने का प्रयास करना है।

हमारे उपनिषद यह स्पष्ट रूप से कहते हैं कि हम सभी दिव्यस्वरूप है और हम सभी के भीतर ब्रह्म है। लेकिन आप न तो अपने भीतर के ईश्वर अंश को अनुभव कर पाते हैं, और न ही आपके चारों तरफ हर चीज़ में मौजूद… Continue Reading “सोने का नही जागने का प्रयास करना है।”

Hope, Renewal & New Life!

Legendary fashion designer Coco Chanel said: Don’t spend time beating on a wall, hoping to transform it into a door It means that move on, stop wishing about “if only” things could have been different. Let you begin to do what you can with… Continue Reading “Hope, Renewal & New Life!”