Tag: religion

हनुमान जयंती

आप सभी को श्री हनुमान जन्मोत्सव की ढेरों बधाई। कोरोना की इस कठिन घड़ी में आपसे निवेदन है कि सच से सरोकार रखें, सनसनी से नहीं। तथ्यों पर चलें, कल्पनाओं पर नहीं। विवेक को भावुकता से अधिक महत्व दें। यथासंभव नकारात्मक एवं व्यर्थ की… Continue Reading “हनुमान जयंती”

दुर्गाष्टमी प्रार्थना

माँ दुर्गा के आठवें स्वरुप माता महागौरी की आराधना के पर्व दुर्गा अष्टमी की आप सभी को बधाई। मैं उम्मीद करता हूँ कि आज की पूजा और जो भी व्रत, प्रार्थना, ध्यान, जप आपने इन नवरात्रों में किये हैं उससे आपको असीम आनंद की… Continue Reading “दुर्गाष्टमी प्रार्थना”

प्रार्थना

जन्म से ही अपूर्व सामर्थ्य, अतुल्य तेज व अन्तहीन संभावनाओं से परिपूर्ण मानव जीवन परमात्मा का एक दिव्य उपहार है। ये तो हम सब जानते हैं। मगर असली सवाल ये है कि इस उपहार स्वरूप मिले अमूल्य जीवन का असली लक्ष्य क्या है? मेरे… Continue Reading “प्रार्थना”

हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की बधाई।

आप सभी को को चैत्र नवरात्रि एवं हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत की बधाई। माँ दुर्गा की उपासना का ये नौ दिन का महापर्व असल मे अपने आत्मसंवरण का अवसर है। व्रत, प्रार्थना, ध्यान और जप द्वारा अपने मन को शुद्ध और पूरी तरह… Continue Reading “हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की बधाई।”

प्रार्थना

यह संसार आनन्दस्वरूप, सर्वशक्तिमान एवं सर्वव्यापक ईश्वर की ही रचना है और आपको तथा मुझे जीवन में जितना कुछ भी ईश्वरीय उपहार स्वरूप मिला हुआ है, वह अपार और अमूल्य है। इसीलिए जितनी साधन-संपन्नता एवं लौकिक-पारलौकिक अनुकूलतायें हमे प्राप्त हैं, उनके प्रति प्रासादिक भाव… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

मनुष्य जीवन ईश्वर का अनुपम उपहार है। मुझे नही लगता कि उनके पास इससे बड़ा कोई अनुदान या उपहार हो सकता है आपको देने के लिए। आपको इतनी विशेषताएं, बुद्धि, सामर्थ्य, क्षमता और सम्भावनायें दी गयी हैं कि अगर वो सब किसी दिन सामने… Continue Reading “प्रार्थना”

देवता और असुर – असली मतलब!

देवता और असुर शायद मनुष्य की ही दो श्रेणीयां हैं। देवता वे हैं जिन्हें अपने से ज्यादा दूसरों की प्रशंशा करने में अच्छा लगता है, दूसरों को प्रोत्साहित करने में आनन्द आता है, खुद की बजाये दूसरों पर फूल बरसाना अच्छा लगता है। जिनको… Continue Reading “देवता और असुर – असली मतलब!”

प्रार्थना

सृष्टि की उत्पत्ति और इसकी स्वयं प्रेरित तथा स्वचालित व्यवस्था ईश्वर के अस्तित्व का प्रमाण है। ये सच लगभग हम सब जानते हैं। असल मे तो जीवित रहने की लगभग सभी जरूरी क्रियायें मेरे या आपके सोचने या करने से संबंधित ही नहीं है।… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

हमारे वेद बताते हैं कि सच्चिदानन्द ईश्वर तो आकार से रहित निराकार है। ईश्वर के असली रूप की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। कम से कम हम जैसे साधारण बुद्धि वाले मनुष्य तो नही कर सकते हैं। इसलिए हम अपनी अपनी कल्पना… Continue Reading “प्रार्थना”