Tag: philosophy

प्रार्थना

वे सब रावण ही तो हैं जो कई कई चेहरे ले कर और अपने झूठ को गर्व से माथों पर सजाए घूम रहे हैं। हम सबने सुना है कि रावण के दस सिर थे। मगर लोग तो जाने कितने चेहरे लिये घूम रहे हैं… Continue Reading “प्रार्थना”

हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की बधाई।

आप सभी को को चैत्र नवरात्रि एवं हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत की बधाई। माँ दुर्गा की उपासना का ये नौ दिन का महापर्व असल मे अपने आत्मसंवरण का अवसर है। व्रत, प्रार्थना, ध्यान और जप द्वारा अपने मन को शुद्ध और पूरी तरह… Continue Reading “हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की बधाई।”

देवता और असुर – असली मतलब!

देवता और असुर शायद मनुष्य की ही दो श्रेणीयां हैं। देवता वे हैं जिन्हें अपने से ज्यादा दूसरों की प्रशंशा करने में अच्छा लगता है, दूसरों को प्रोत्साहित करने में आनन्द आता है, खुद की बजाये दूसरों पर फूल बरसाना अच्छा लगता है। जिनको… Continue Reading “देवता और असुर – असली मतलब!”

प्रार्थना

सृष्टि की उत्पत्ति और इसकी स्वयं प्रेरित तथा स्वचालित व्यवस्था ईश्वर के अस्तित्व का प्रमाण है। ये सच लगभग हम सब जानते हैं। असल मे तो जीवित रहने की लगभग सभी जरूरी क्रियायें मेरे या आपके सोचने या करने से संबंधित ही नहीं है।… Continue Reading “प्रार्थना”