Tag: SelfReflection

रविवारीय प्रार्थना – अपनी भूलों और गलतियों के प्रति जागरूक रहना, अपने भीतर को परिष्कृत और अपने ‘मैं’ को खत्म करने का निरंतर प्रयास करना तथा उनका नामजप करना।

रविवार की शांत सुबह मेरे लिये आत्म-चिंतन का निमंत्रण  होती है। यह वह समय है जब मैं उन अनुभूतियों को – बातों को समझने और शब्द देने की कोशिश करता हूँ, जो किसी अदृश्य ऊर्जा, पितरों, गुरु-सत्ता या उस ‘बोधिसत्व चेतना’ की प्रेरणा से… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – अपनी भूलों और गलतियों के प्रति जागरूक रहना, अपने भीतर को परिष्कृत और अपने ‘मैं’ को खत्म करने का निरंतर प्रयास करना तथा उनका नामजप करना।”

रविवारीय प्रार्थना – सरोवर सी शीतलता या ज्वालामुखी सा क्रोध: अपनी मनोदशा की ताजी स्थिति को समझ कर उसे परिष्कृत करना।

मित्रों, राम राम। आज रविवार की सुबह फिर कुछ बातें, जो श्रेष्ठ जनों ने कही और लिखी हैं, उन्हें गहराई से समझने और अपने जीवन में उतारने के लिए लिखी हैं। हर रविवार मैं इन शब्दों को आप तक पहुँचाता हूँ ताकि हम सब… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – सरोवर सी शीतलता या ज्वालामुखी सा क्रोध: अपनी मनोदशा की ताजी स्थिति को समझ कर उसे परिष्कृत करना।”