Manifestation • Mindset • Abundance • Blessings Your future self has brought you here. Time to Align, Attract & Evolve, Now🦸
रविवार की इस शांत और खूबसूरत सुबह, चलिए आज फिर चिंतन करते हैं – सब कुछ करने के बाद, हर भटकाव के बाद, हर नाटकबाजी के बाद, झूठ सच के बाद, सत्य को समझने और वापस अपने ही भीतर मौजूद उस ईश्वर के पास लौटने का जो हमारे मन, भावनाओं, इरादों और अंतरात्मा में मौजूद रहता है, जो मूक बना सब कुछ देखता रहता है और जिससे बगैर डरे हम सब कुछ करते रहते हैं।
हम इस संसार में एक रंगमंच के किरदारों की तरह हैं। हर व्यक्ति की कहानी अलग है, परिस्थितियां अलग हैं और ईश्वर का दिया हुआ किरदार भी अलग है। अब कुछ लोग तो इस किरदार को सत्य, निष्ठा, समर्पण से निभाते हैं और कुछ केवल झूठ मूठ का निम्न स्तरीय अभिनय करते रहते हैं। हम दुनिया की आँखों में धूल झोंक सकते हैं, खुद को भी बहला सकते हैं, लेकिन उस परम चेतना से कुछ भी छिपा नहीं है। वो न सिर्फ हमारा काम देख रहे होते हैं बल्कि उसके पीछे की हकीकत उसके पीछे की असली नीयत भी देख रहे होते हैं।
ईश्वर की यही प्रकृति सबसे जादुई, खूबसूरत और साथ ही विस्मयकारी (डरावनी) है कि वह आपका सबसे पवित्र रूप भी जानता है और सबसे बुरा रूप भी। उनसे कुछ भी छुपा नहीं है। इस सत्य को जानने का मतलब खुद को दोषी ठहराना या अतीत की गलतियों पर रोना नहीं है। अतीत जो था, सो था। महत्वपूर्ण यह है कि आज, जब हमें इस हकीकत का बोध हो गया है, तो क्या हम अपने भीतर को शुद्ध, पवित्र और ईमानदार कर सकते हैं? क्या हम झूठ, छल, कपट, परपंच, ईर्ष्या से बच कर सतमार्ग, सत्संग, करुणा, परोपकार और ईश्वर भक्ति की सीख को लेकर आगे बढ़ सकते हैं? क्या जो समय और जीवन बचा हुआ है उसका सदुपयोग कर सकते हैं, तुच्छ कार्यों से ऊपर उठकर उच्च कोटि के जीवन का निर्माण कर सकते हैं?
अगर आपका जवाब ‘हाँ’ है, तो बहुत बढ़िया। और अगर जवाब ‘ना’ है, तो फिर आप अपनी जानें 🤣। फिर मत कहियेगा कि किसी ने चेताया नही था। याद रखिये कि ईश्वर आपको बोलकर तो अपनी बात कहेंगे नहीं; वे तो प्रतीकों, रूपकों, समकालिकता, दृष्टियों, अंतर्ज्ञान और ऊर्जा के माध्यम से ही हमसे संवाद करते हैं और आप जब इस लेख को पढ़ रहे हैं तो हो सकता है ये संदेश आपके लिये ही लिखा गया हो 🙈।
सच्चाई तो यही है कि हर भटकाव के बाद, पूरी सजगता के साथ बार बार वापस अपने सच्चे स्वरूप में लौट आने की कोशिश और अपनी जिंदगी को एक नई समझ, पवित्रता, जागरूकता और शुभ संकल्प के साथ जीने का प्रयास ही ईश्वर की सबसे सच्ची प्रार्थना है।
आज मेरे आराध्य प्रभु जी से विनती है कि उनकी कृपा और आशीर्वाद से आप का चिंतन, व्यवहार, बातचीत और कार्य सदा श्रेष्ठ बने रहें तथा भूल से भी कोई निम्नस्तरीय कार्य आपके हाथों से न होने पाये।
आप सुखी रहें, रोगमुक्त रहें, प्रतिदिन मंगलमय घटनाओं के साक्षी बनें तथा कभी किसी दुःख का भागी न बनना पड़े, इन्हीं अब मंगलकामनाओं के साथ आपको सप्रेम नमस्कार 🙏
श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।।
