प्रार्थना

हम सब ये जानते हैं कि हमे जो भी दिखाई दे रहा है या जो दिखाई नही दे रहा है – सब परमात्मा की ही अभिव्यक्ति है। हम सब में उनका समान अंश मौजूद है।

इसीलिये जनूनी आत्ममुग्धता, अपने अहंकार एवं अपने मैं को खो देना तथा अन्य लोगों का जीवन मुझ से कम महत्वपूर्ण है ये मानना बंद कर देना, प्रार्थना है। जब आप प्रार्थना करते हैं, तो ये महसूस करना कि केवल आप ही नहीं हैं जो प्रार्थना कर रहे हैं;  पूरा अस्तित्व, आपके साथ प्रार्थना कर रहा है – ये धरती, सूरज, आकाश और ये सम्पूर्ण सृष्टि। आपकी प्रार्थना में ये सब शामिल हैं, यही विश्वास, श्रद्धा और भाव प्रार्थना है।

जीवन के सामुहिक नृत्य में, उत्सव में शामिल हो जाना और प्रसन्नता, आनंद, धन्यता, दिव्यता और सभी जीवों में देवत्व को महसूस करना ही शायद हमारी प्रार्थना है।

मैं प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि आपके सभी व्यापारिक एवं व्यक्तिगत लक्ष्य जल्द ही पूरे हो जायें, आपका मानसिक, आध्यात्मिक, सामाजिक तथा व्यावसायिक जीवन स्वस्थ एवं उत्साहजनक हो जाये तथा आपके चारों तरफ सकारात्मक ऊर्जा, प्यार एवं आपसी सहयोग की ऊष्मा और गर्मजोशी का घेरा सदैव बना रहे। मंगल शुभकामनाएं।

Lord Hanuman Temple, New Delhi

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