रविवारीय प्रार्थना

असल मे कोई एक विशेष नही बल्कि हम सब परमात्मा को अपने भीतर लिये घूम रहे हैं। बस कुछ लोगों में उनके स्वरुप और गुणों के दर्शन हो जाते हैं, कुछ लोग उन्हें महसूस और प्रकट कर पाते हैं और कुछ लोग नही।

जो लोग अभी उन्हें अपने भीतर अनुभव नही कर पा रहे हैं और जिन्हें इस बात की चिंता भी है – उनके लिए अपने भीतर जो कूड़ा करकट भरा पड़ा है या जिन पत्थरों के नीचे आपका परमात्मा भीतर ही भीतर दबा पड़ा हुआ हैं, उन्हें पूरी शिद्दत से हटाना – छांटना ही उनकी सबसे श्रेष्ठ प्रार्थना है।

हमारा सरलता, सहजता और हर पल आनंद से जीना उनकी प्रार्थना है। हमेशा अपने चेहरे पर मुस्कान बनाये रखना, दिल मे प्यार बनाये रखना, तथा उनके जैसे सात्विक गुण, कर्म और स्वभाव बनाये रखना प्रार्थना है। ज्यादातर परिस्थितियों में सभ्य, शिष्ट, सुशील, सन्तुष्ट और शांत बने रहना भी एक प्रकार से उनकी ही प्रार्थना है।

निरन्तर शुभता का बाटना, अपने आस पास के लोगों को उत्साहित बनाये रखना, प्रेरणा देना, उनका होंसला बनाये रखना, उनके अच्छे स्वास्थ्य, उनकी तरक्की और सफलता के लिये अरदास करते रहना परमात्मा की सबसे बढ़िया प्रार्थना है।

इस जीवन मे जो किरदार मिला है उसे पूरी निष्ठा, लगन, जिम्मेदारी और सुरुचिपूर्ण निभाते रहना उनकी प्रार्थना है। अपने मन मे उमंग, उत्साह, सकारत्मकता और ताजगी बनाये रखना तथा हर रोज़ कुछ न कुछ रोमांचकारी और महत्वपूर्ण करते रहना उनकी प्रार्थना है। निरन्तर स्वयं का मूल्यांकन करना और सुधार करते रहना उनकी सबसे उत्तम प्रार्थना है।

मैं आज अपने आराध्य प्रभु से प्रार्थना करता हूँ की आपका जीवन भी बहुत जल्दी ही परमात्मा की एक अभिव्यक्ति बन जाये।

मेरी उनसे आज ये भी प्रार्थना है की आप सदैव स्‍वस्‍थ, सक्रिय एवं ऊर्जावान बने रहें तथा आपके सर्वश्रेष्ठ संस्करण का तेजी से निर्माण हो। आपके घर-आंगन में खुशहाली एवं समृद्धि के नव दीप जल्दी से देदीप्यमान हों। अनेकानेक मंगल शुभकामनाएं 💐

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