श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की मंगलमयी शुभकामनाएँ।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव की मंगलमयी शुभकामनाएँ।

मुरली की तान, मोरपंख की शोभा और रास का माधुर्य श्रीकृष्ण का बाहरी स्वरूप हैं, किंतु उनका वास्तविक मर्म उनके जीवन-दर्शन में निहित है – उथल-पुथल भरे जीवन में भी भीतर से स्थिर बने रहना, जब न्याय की बात हो तो बिना डगमगाए सही पक्ष चुनना और व्यक्तिगत इच्छाओं और परिणामों की चिंता किए बगैर अपने अपने धर्म का पालन करना।

आइए, इस जन्माष्टमी श्री कृष्ण को केवल स्मरण न करें, बल्कि उनकी सीख और कर्मयोग को अपने दैनिक जीवन और आचरण में ढालें।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की की हार्दिक शुभकामनाएँ। प्रभु की कृपा से आप के सभी सत्संकल्प सिद्ध हों और जीवन में धर्म, भक्ति, प्रेम, आनंद तथा पुरुषार्थ का प्रकाश सदा बना रहे।

कृष्णं वन्दे जगद्गुरुम्राधे-राधे🙏

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