Manifestation • Mindset • Abundance • Blessings Your future self has brought you here. Time to Align, Attract & Evolve, Now🦸
नवरात्र के आठवें दिन पर पवित्रता, शांति और सौभाग्य की अधिष्ठात्री मां महागौरी के श्रीचरणों में कोटिशः प्रणाम और आप सब को कन्या पूजन एवं अष्टमी की ढेरों बधाइयाँ।
मुझे पूरी उम्मीद है कि इस बार के उपवास, पूजा-पाठ ने आपके मन, शरीर और आत्मा की ऊर्जा को एक नई ऊँचाई और उच्च स्तर पर पहुँचाया होगा तथा आपके भीतर सुप्त पड़ी दिव्य चेतना पूरी तरह जाग्रत हो गयी होगी।
ऐसा मैं इस लिये कह रहा हूँ क्योंकि संसार में सब कुछ पा लेना, साधन-सम्पन्न हो जाना बहुत सरल है, लेकिन यदि इस सबके बावजूद हम अपने भीतर उस दैवीय चेतना और ब्रह्मस्वरूप को देख नही पाये या उसमे स्थिर नही रह सके तो इन उपलब्धियों का कोई वास्तविक मूल्य नहीं रह जाता। जब तक हम पशुवत सुखों तक सीमित रहेंगे, तब तक कितने भी उपवास और कर्मकांड कर लें, वह तृप्ति, अनुभूति और परमानंद प्राप्त नहीं हो सकता जो हमारे जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।
देवी माँ ने मधु-कैटभ, महिषासुर और शुम्भ-निशुम्भ जैसे अनेकानेक असुरों का संहार करके धर्म और शांति की पुनर्स्थापना की थी। यह केवल पौराणिक कथाएँ नहीं, बल्कि हमारी सोच, आचरण, व्यवहार, जीवन शैली और परवर्तियों के गहरे रूपक हैं। हमारे भीतर आनुवंशिक (जेनेटिक) रूप से चली आ रही पशु-प्रवृत्तियाँ—अज्ञान से उपजी संकीर्णता, भय, राग-द्वेष, महिषासुर जैसी जड़ता, आलस्य और अंधी प्रतिस्पर्धा की वृत्तियाँ—ही वास्तव में हमारे सबसे पहले असुर हैं। सच्ची पूजा पाठ प्रार्थना है – इन आंतरिक असुरों को जड़ से उखाड़ फेंकना और अपनी वृत्तियों को असत् से सत् की ओर मोडे रखना
आज माँ भगवती से प्रार्थना है कि उनकी करुणा और अनुग्रह का बोध प्रतिक्षण बना रहे। उनकी कृपा हमें ऐसे सत्कर्मों की प्रेरणा दे, जिससे न सिर्फ घर आंगन में खुशियों के फूल खिले रह सकें बल्कि जीवन के साथ-साथ आत्मोद्धार का मार्ग भी सहज, निष्कंटक और सुनिश्चित हो जाए।
कालका माई और मेरे आराध्य प्रभु जी का आशीर्वाद आप सब पर हमेशा बना रहे 🙏
कालका माई तेरी सदा ही जय 🙏
श्री रामाय नमः। ॐ हं हनुमते नमः।।