Reciprocity is important not only on Diwali but everyday!

As you know that Diwali is a festival of light, prosperity, love & exchange of sweets & gifts with our loved ones.

Today I wish you to recognize this mutual exchange of gifts & sweets as reciprocity. This article is all about explaining to you the importance of reciprocity in our daily lives.

When you give money, you get a product or service, similarly in life also people constantly exchange energy, love, warmth, togetherness, respect, thankfulness, gratitude & appreciation with each other on daily basis (directly or indirectly).

But what about the cases where there is no reciprocity (exchange). So my question today is, for how long will you continue to give when there is no return or exchange? Think about it seriously 😳?

Darling listen – it doesn’t cost anything to return a compliment, love, support & kindness.

Otherwise, sooner or later, people will find it senseless & stupid to continuously pour their energy, affections & love into a black hole, who selfishly neither fully appreciate nor returns their benignity, goodness or consideration.

Sweetheart, it is not a duty of humble & gentle people to always prove that they are good to you. It is mutual. It is give & take. Everyone needs something in exchange. Being selfless is not being foolish 🤭.

Let all the happiness, peace, love & joy you spread around, come back to you a hundredfold. Season’s Greetings & Blessings 💐

तुम कृष्ण के द्वार पहुंच जाओ तो मुक्ति है। कृष्ण तुम्हारे द्वार पहुँच जाये तो भक्ति है।।

विपुलता, शुभता, हर्षोल्लास एवं सौभाग्य में वृद्धि की कामना से की गई गोवर्धन पूजा और अन्नकूट के इस पावन अवसर आप को हार्दिक बधाई।

भगवान श्री कृष्ण आप पर सदा कृपा बनाये रखें🙏

आपके होंठों पर थिरकती हुई आत्मीय मुस्कान सदा इत्र बनकर सभी के चेहरों को महकाती रहे…

ये ज्योतिपर्व आपके जीवन मे नई खुशियां लाये, आपके जीवन को और अधिक गौरवमयी बनाये, आपकी शुभता, सुख-शांति एवं समृद्धि में तेजी से बढ़ोतरी हो, आपका स्वास्थ्य बढिया रहे और आपकी आयु में वृद्धि हो। आपका सहज, सरल एवं सौम्य व्यक्तित्व तथा आपके होंठों पर थिरकती हुई आत्मीय मुस्कान सदा इत्र बनकर सभी के चेहरों को महकाती रहे, आज भगवान श्री गणेश व माता लक्ष्मी जी से यही सब प्रार्थना हैं 🙏

आप के परिवार और मित्रों के लिए दीपावली अत्यंत शुभ हो।

रविवारीय प्रार्थना – हम बुद्धू के बुद्धू क्यों रह जाते हैं, बुद्ध की तरह क्यों रोशन नही हो जाते हैं।

दीपावली के त्यौहार को पर्वों का राजा कहना गलत नहीं होगा। सारा देश इसे उत्साहपूर्वक मनाता है। हम इस पावन पर्व पर कोशिश करते हैं कि अमावस की गहरी रात को पूर्णिमा बना दें और जितना भी अंधेरा है उसे खत्म कर दें और वो भी छोटी छोटी लड़ियों से और मिट्टी के साधारण से दियों से।

एक-दो दिनों की ये मिट्टी के नन्हें-नन्हें दीयों से अंधेरे के साम्राज्य को पराजित कर देने की हमारी कोशिश कितनी निराली है और कितनी प्रेरणा दायक है, आप स्वयं समझ सकते हैं।

अगर दीये में ज्योति न हो तो दिये के नीचे भी अंधेरा रहेगा, वैसे ही हम भी अपने चैतन्य को जगाये बगैर कण कण में विराजमान परमात्मा की मौजूदगी और परमात्मा की अनुकम्पा के प्रति अंधेरे में ही रहते हैं। एक बार दिये की तरह आपकी अमर ज्योति (प्राणतत्व) जाग्रत हो जाये, रोशन हो जाये तो क्या मजाल की कोई विरोधाभास, अनिश्चितता, आडम्बर, अहंकार या जड़ता रह जाये। एक बार आपका बुद्ध रोशन हो जाये तो आपकी जगमगाहट में सारा संसार जगमगाने लगेगा। आपके दीपक की ज्योति से न जाने कितने और दीपक प्रज्वलित हो उठेंगे।

दीवाली के मिट्टी के दियों में जब आप ज्योति सम्भाल सकते हैं तो अपने इतने शक्तिशाली अंतर्मन में अमृत ज्योति क्यों नही प्रज्वलित कर सकते और इसे सम्भाले रख सकते हैं।

परमात्मा की तरफ से प्रत्येक को सबकुछ बराबर मिला है। उनके बादल सब पर बराबर बरसते हैं। उनका चांद और सूरज सबके लिए उगता है। उनकी आंखों में न कोई छोटा है न कोई बड़ा है। रत्ती भर भेद नहीं। फिर हम अंधेरे में क्यों रहते हैं? हम बुद्धू के बुद्धू क्यों रह जाते हैं, बुद्ध की तरह क्यों रोशन नही हो जाते हैं।

अपने मिथ्या “मैं” को, पाखण्ड को, मूढ़ता को, हठधर्मिता को खत्म कर जैसे ही हम अंतर्यात्रा शुरू करते हैं, जैसे ही अपने चैतन्य को जगाते हैं, हमारे दीये के नीचे का अंधेरा मिट जाता है, दीपावली हो जाती है, हजारों सूर्य एक साथ उदित हो जाते हैं, जिनका फिर कोई अस्त नहीं है – जो फिर कभी डूबते ही नहीं हैं।

आपके भीतर यही परम सूर्योदय छिपा है, प्रार्थना इसी समझ का नाम है। अपने आत्मिक दीये की ज्योति को प्रज्वलित करना ही प्रार्थना है। उस की लौ बनाये रखना सम्भाले रखना प्रार्थना है।

आज अपने आराध्य प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि इस अमावस की रात को आपका बुझा हुआ दीपक जल उठे,आपको भी बद्धतत्व प्राप्त हो जाये तथा लालच, घृणा और भ्रम से मुक्ति मिल जाये, इस बार शुरू हुआ मिठास का रोशनी का ये उत्सव सदा सदा के लिये आपके जीवन का अंतरंग हिस्सा बन जाये, गीत-संगीत कभी बंद ही न हों और आनंद की फूलझडि़यां सदा फूटती रहें तथा आपका सूर्य कभी अस्त न हो।

आप स्वस्थ रहें, सेहतमंद रहें और आपकी यश-कीर्ति सदियों तक बनी रहे, इन्ही सब मनोकामनाओं के साथ देवी लक्ष्मी जी से प्रार्थना है की वें आपके साथ हमेशा रहें 🙏

दीपावली शुभ हो 🪔🙌💐

श्री रामाय नमः। श्री राम दूताय नम:। ॐ हं हनुमते नमः।।

दीपोत्सव तथा समृद्धि, वैभव एवं आरोग्य के पावन पर्व धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।

आज से आरंभ हो रहे दीपोत्सव तथा समृद्धि, वैभव एवं आरोग्य के पावन पर्व धनतेरस की हार्दिक शुभकामनाएं।

देवी महालक्ष्मी जी से प्रार्थना है कि इस बार का ये ज्योतिर्मय त्यौहार हम सब के लिये उनका अन्नत आशीर्वाद ले कर आये और हमारे जीवन और घर आंगन को सदा सदा के लिये जगमग-जगमग और प्रकाशित कर दे।

जगमगाते और झिलमिलाते दीपों की आभा हमारे अंदर और बाहर फैली हुई सारी मलिनता, कटुता, कलुषता और अंधकार हमेशा हमेशा के लिये खत्म कर दे। हमारे सभी अपने सदा मुस्कुरातें-खिलखिलाते-नाचते-गाते रहें और ख़ुशियों का प्रकाश सदा बना रहे और लगातार बढ़ता रहे, इन्ही सब मंगल कामनाओं के साथ एक बार पुनः आपको धनतेरस औऱ दीपावली की अनेकानेक बधाई एवं शुभकामनाये।

॥ ॐ महालक्ष्म्यै नमाे नम: ॥

Fake it till you make it!

I am sure like anyone else, you too admire some people for their heroism, success or for their personal or professional achievements & accomplishments.

I also know for sure you think of becoming that person in your thoughts, so many times. This post is to tell you how to become the person you admire…

First, I want you to take the time & think about the person you want to become & then pinpoint the specific qualities you admire most. Just begin to reflect on them daily.

I mean – think of what their daily life looks like; their good habits, their routines, their actions & their way of responding (handling) to the situations. Start showing up to these commitments & qualities, start building upon them, step by step & day by day. Remember that you don’t become them overnight, you build them. Start becoming & growing from today.

Darling listen – the best & simplest way to become like the person you want to become is by beginning to act like them NOW. The famous saying is “Fake it till you make it.” It means, be brave & pretend to be someone, even if you are not. I am sure you can do it easily!

Believe me, while you are acting like the person you want to become, projecting that confidence, ambition, style, energy, dynamism, mettle & spirit out into your present state of mind, you will not fake it for long… Soon, you will be living it. That’s the secret, recipe & the recommendation!

Be proud of your dreams, your aspirations & your hopes. Most of all, be someone that you’re proud of. Good Luck & Best Wishes 💐

Let your honied presence bring smile in heaven as well!

Today I hope that every breath you take is filled with happiness, love, peace, joy & serenity. Every word you speak, every thought you think & everything you do bring glory & honor to your ancestors & descendants.

I hope that every step you take bring you more & more closer to your higher goals & greatest destinations in life.

Darling listen – I wish you no competition, no backhanded comments, no jealousy, no comparison, no hate, just “I love you, I respect you, I appreciate you & that there is nobody like you” kind of words, thoughts, feelings & energy around you always.

Sweetheart, I also wish that your honied presence not only bring smile here but in heaven as well.

I pray God to help you grow a little more than you did yesterday. Tons of Good Wishes & Blessings 💐

Make peace with NOW!

Today, I wish you joyful times with those you love today & every day, a myriad of happy encounters, gentle conversations & peace with NOW.

I know you will find my last sentence “peace with NOW” a little weird & contrary to everything you have ever learned about improving, evolving & changing your current circumstances or life.

Believe me, making peace with chaotic realities of your present time is exactly what you need right now to make your life incredibly beautiful & meaningful, the way you want it to be

Darling listen – I want you to become a match to the change you want to bring about & not otherwise.

If you believe & want Law of Attraction to bring desired changes (improvement) in your life, you will have to understand that holding on to resistance for your present circumstances will only hold back everything that you want.

We all know that negativity will attract negative experiences & positivity will bring desirable experiences. If you constantly feel chaotic, uncertain & remain frustrated, angry or irritated, then only disorder, infirmity, inferiority, scarcity, woes & unhappiness will manifest. But if you are at peace with whatever is going on, focus on the good, think good & do good, then you surely will manifest love, abundance, health, prosperity, friendship & everything you want.

Therefore I will recommend you to make peace with your Now & start putting your attention on whatever you want to grow in life. That is how this Universe works.

I wish & pray that you become better & better at leveraging the Law of Attraction & making peace or being happy in your current situation (NOW) so that you can create a life you deserve & desire easily.

Good luck & Tons of Good Wishes 💐

Knowing that God is still in control, will you please put down your sword & stop fighting or resisting 🤭?

At the dawn of this new week, I pray that all your tussles end the way they should & hope you receive all the desired confirmations, approvals, acceptance & everything that you deserve in coming days. Let your life become uncomplicated, uninhibited & incredibly easy going from here on.

Darling listen – as you begin to take steps in the direction of your purpose, I pray God to drive all the clouds of uncertainties & doubts away, give you the highest level of confidence & wisdom to grow & take yourself to a whole new level.

Sweetheart, I wish you to know that the things you don’t understand & that are not looking good or fair to you right now, they are actually not stopping you, in fact they are leading you into the perfect plan God has laid out for you in this season.

I request you to trust, follow & believe your God & His plan for your higher good. Knowing that God is still in control, will you please put down your sword & stop fighting or resisting 🤭?

Let you recieve double dose of God’s love, blessings & favours. Let this festive week bring you love, all the happiness in the world & everything that you love. Happy new week!!!

प्रार्थना का मतलब है परदे खोलना। रविवारीय प्रार्थना ।।

आपका और मेरा जीवन, हमारी सोच, हमारी बनाई हुई चीजों और हम जो दुनिया दिन प्रतिदिन गढ़ रहे हैं उस की सीमाएं हैं। लेकिन परमात्मा, उसका बनाया हुआ कुछ भी सीमित नही है। उसके हाथ की जिस चीज पर भी छाप है वही अनंत है, वही असीम है। न आदि है उसका न अंत है उसका।

हरि अनंत हरि कथा अनंता। मैंने आज इस रविवारीय लेख की परिकल्पना और संकलन इसी विचार के साथ किया है।

जो अपने सभी आयामों में अनंत है, उन्हें पाना, उन्हें ढूंढ लेना और उन्हें वँहा (स्वर्ग) से उतार लाना हमारे जैसे साधारण मनुष्यों के बस की बात कैसे हो सकती है।

आप कोई भी हैं, कृप्या बतायें की क्या आप चांद और सूरज उगा या छुपा सकते हैं, हवा को चला सकते हैं, बारिश को करवा सकते हैं? इसी तरह ईश्वर के भी पाने का भी आपके पास कोई उपाय नहीं है। कम से कम मेरे जैसे साधारण मनुष्य के पास तो नही है। वे तो अथाह हैं। मुझे तो सिर्फ ये लगता है कि उनमें तो स्वयं को मिटा कर डूब ही सकते हैं उनमें खो सकते हैं और तब ही उस सचिदानंद को या उस पूर्णता को पा सकते हैं। यही हम सबके वश में है। मैं तो खो जाने और उन्हें पाने में प्रयास रत हूँ। आप का पता नही 🤭।

जैसा कि मैंने कहा कि आपकी इच्छा से सूरज नहीं निकल सकता। कि आप जब चाहो तब निकल आये। लेकिन अगर आप इसे नही देखना चाहो तो, जन्मों – जन्मों तक न देखो, आंखे बंद रख सकते हो। द्वार -दरवाजे बंद रख सकते हो। खिड़कियों पर मोटे मोटे परदे लटका सकते हो फिर आपके कमरे में सूरज कैसे आयेगा। अगर आप चाहो की अंधकार ही रहे, तो भरे दिन में भी अंधकार ही रहेगा, उजाला नही होगा। यही आप ईश्वर और ईश्वरीयता के साथ भी कर रहे हो।

ईश्वर कहीं और थोड़े ही हैं – यहीं है, अभी है, कण-कण में हैं, कंही गये थोड़े ही हैं। लेकिन आप बज्रमूर्ख हैं, निरर्थक हैं, आत्‍ममुग्‍ध हैं। आपने स्वंय ही परदे कर रखे हैं। अपनी जड़ता की वजह से अपने कमरे को बंद कर के रखा है। कोई खिड़की खोल ही नही रखी है की उनकी कोई थोड़ी सी भी झलक, ज्योति, अनुभूति या अहसास कंही से अंदर आ जाये। मेरे अनुसार हमारी कोई भी कथा, प्रथा, प्रार्थना या धार्मिक क्रिया परमात्मा को लाने के लिये है भी नही, ये सिर्फ आपकी जड़ता को तोड़ने के लिये हैं, आपके अभिमान को आपके मैं को खत्म करने के लिये हैं। आपको सरल, सहज और विनम्र बनाने के लिये हैं, स्वंय को बेहतर बनाने के लिये हैं।

प्रार्थना का मतलब है परदे खोलना। मगर ये याद रहे कि परदे खोलने से सूरज के उग आने का कोई संबंध नहीं है। सुबह तो जब होगी तब होगी। सुबह के तो अपने राज हैं, अपने रास्ते हैं, अपना मार्ग है 🤭। प्रार्थना का मतलब है अपने द्वारा निर्मित खिडकिया, द्वार – दरवाजे खोलना और खुले हुऐ रखना जिससे जब सुबह हो जब सूरज उगे तब आपके कमरे (जीवन) में भी रोशनी भर जाये।

ईश्वर को जब आना है तब आएगा; आप और मैं उनको खींचकर नहीं ला सकते हैं। लेकिन हम इतना तो जरूर कर सकते हैं कि जब वे आयें तो हम मौजूद रहें। हम द्वार पर वंदन वार बांध सकते हैं, दीये जला सकते हैं, अपने द्वार पर बांसुरी बजा (बजवा) सकते हैं, उनके स्वागत में फूल बिछा सकते हैं, पलके बिछा सकते हैं। वे जब आएंगे तब आएंगे। हमारा कोई कार्य या कोई कारण ऎसा है ही नही की उन्हें प्रगट होना पड़े। ऐसी कोई अनिवार्यता है ही नहीं। वे जब आएंगे तब आएंगे। प्रसाद जब बरसेगा तब बरसेगा। लेकिन इतना तो हम कर ही सकते हैं कि जब प्रसाद बरसे तो हम वंचित न रह जायें। अपने भीतर भरे पड़े हुए कचरे (गुस्से, अहंकार, घृणा, कुंठाओं, कुत्सित भावनाओं और लालसाओं) को साफ कर सकते हैं कि जब वे आयें तो आपके भीतर को रहने योग्य पायें। आप अपने ह्रदय को मंदिर बना सकते हो। वे जब आयें तब आयें, आप तो उनके अभिनंदन और स्वागत के लिए हर समय तत्पर रह ही सकते हैं। हमेशा से इसी तत्परता से तैयार रहना ही हमारी सही प्रार्थना है।

आप जब सरल-सहज हो जाते हैं, शून्य हो जाते हैं तब ही पूर्ण उतरने को राजी होता है। जब तुम शून्य हो जाते हो, पृथ्वी पर सर रख देते हो तो वँहा तीर्थ हो जाता है? जब तुम मिट जाते हो तो जो बचता है, मेरे अनुसार उसी का नाम ईश्वर है।

मन को शांति और सुकून देने वाली ठंडी शीतल पवन के झोंके, उनका दिव्य प्रकाश और उनके प्रसाद स्वरूप शुभता, सौभाग्य और मांगल्य सदा ही आपके जीवन और घर आंगन तक पहुंचता रहे, बरसता रहे इन्ही कामनाओं के साथ साथ आज मेरे आराध्य प्रभु जी से ये प्रार्थना भी है कि आप स्वस्थ रहें, सकुशल रहें, हमेशा प्रसन्नचित रहें और आपके घर-आंगन में खुशहाली एवं समृद्धि के अनेक नव दीप जल्दी से देदीप्यमान हों। मंगल शुभकामनाएं 💐