Focus on being a divine soul, not the body, mind & emotions to be 10x more attractive, healthy, happy & successful.

Let you remind it to yourself today & everyday that you are a Divine Soul which is pure, glorious, perfect, full of light, wisdom & divine powers. Let you begin to reflect this reminder in your every thought, word & action.

Darling listen – your divine soul already exist within you. You don’t have to go somewhere to do a soul searching. All you need to do is to figure out which all pieces of yourself that you have accumulated over the years unnecessarily & are not matching to your real & authentic self.

Focus on being a soul, not the body, mind & emotions to be 10x more attractive, healthy, happy & successful.

I wish & pray that you become top-notch in everything & become closer to getting what you truly want.

Tons of Blessings 💐

To get ahead in your life, succeed & succeed greatly…

At times, you think that you should have done something to avoid those untimely & unfortunate, completely avoidable incidents.

If it is a yes to that, then I wish to remind you of what wise people have repeatedly said & matters today, more than ever – It’s not about what you do in life, but how you do it matter. It’s not what you do but what you don’t do matter. It’s not what you say, but how you say it matter & It’s all about your intentions (nothing happens in your life without it). Got it?

Darling listen – If you really want to get ahead in your life, succeed & succeed greatly, you must become aware of your tone, body language, intentions, how you do things in general, the way you normally respond & how it affects your life… That’s it!

I want you to fix your body language, develop a friendly tone of voice, focus on doing things that matter most, make your intentions right & get rid of your habit of putting things off for later… Put your heart & soul into whatever you say & do. Hope you understood it rightly!

With all of this being said, I will not suggest you to start skimping on your actions or communication. I just want you to start paying attention to your approach. That’s all that’s been asked of you today. No more & no less.

It’s never too late to set your intentions, learn & adopt good practices to become better, to do much better, to look attractive & achieve more than you had ever dreamed possible.

Stay Becoming More & More Beautiful, Healthy, Happy & Successful 💐

If you wish to function on a higher plane of life, you need a higher level or quality of energy!

I wish to remind you that you that we all are Energetic Beings. That’s why most of our spiritual practices, kriyas, prayers, dhayan, meditations etc.. fundamentally focus on making our energies more awake than what they are right now.

In general, your physical touch, words that you say & energy you emit communicate with people & the Universe.

But when your energy becomes the main communication tool to reach out to everyone & everything in the existence (including the sky above), then only you draw others in & begin to harness the real power of the Law of Attraction in your life in a way that allows you to effortlessly attract everything that you want.

Darling listen – I am not saying that you need  kundalini awakening to expand state of your consciousness, but atleast you can fill your head & heart with the same positive, powerful & productive energy that you want flowing back to you. Whatever may be the way, but if you wish to function on a higher plane of life, you need a higher level or quality of energy.

Research has found that our level of energy is continuously affected by all that we are thinking, feeling & doing. So please ask yourself right now & at this very moment, if you are happy, joyful & excited about what you are thinking, feeling & doing. If not, please change these to change the way the Universe responds to you!

I pray God to guide & help you in becoming spiritually more aware, physically more healthy, mentally more stronger, emotionally more intelligent & energetically more vibrant.

Tons of Good Wishes & Blessings 💐

अनायासेन मरणम्, बिना देन्येन जीवनम्। देहान्त तव सानिध्यम्, देहि मे परमेश्वरम्।।

बड़े बुजुर्ग कहते हैं कि जब भी किसी मंदिर में दर्शन के लिए जाएं तो दर्शन करने के बाद बाहर आकर मंदिर की पेडी या ऑटले पर थोड़ी देर बैठते हैं । क्या आप जानते हैं इस परंपरा का क्या कारण है?

आजकल तो लोग मंदिर की पैड़ी पर बैठकर अपने घर की व्यापार की राजनीति की चर्चा करते हैं परंतु यह प्राचीन परंपरा एक विशेष उद्देश्य के लिए बनाई गई । वास्तव में मंदिर की पैड़ी पर बैठ कर के हमें एक श्लोक बोलना चाहिए। यह श्लोक आजकल के लोग भूल गए हैं।

आप इस श्लोक को सुनें और सभी को भी इस के बारे में बताएं।

यह श्लोक इस प्रकार है –

🚩अनायासेन मरणम् ,बिना देन्येन जीवनम्।
🚩देहान्त तव सानिध्यम्, देहि मे परमेश्वरम् ।।

इस श्लोक का अर्थ है-

🔱 अनायासेन मरणम्…… अर्थात बिना तकलीफ के हमारी मृत्यु हो और हम कभी भी बीमार होकर बिस्तर पर नही पड़े, कष्ट उठाकर मृत्यु को प्राप्त ना हो और चलते फिरते ही हमारे प्राण निकल जाएं।

🔱 बिना देन्येन जीवनम्……… अर्थात परवशता का जीवन ना हो मतलब हमें कभी किसी के सहारे ना पड़े रहना पड़े। जैसे कि लकवा हो जाने पर व्यक्ति दूसरे पर आश्रित हो जाता है वैसे परवश या बेबस ना हो । ठाकुर जी की कृपा से बिना भीख के ही जीवन बसर हो सके।

🔱 देहांते तव सानिध्यम ……..अर्थात जब भी मृत्यु हो तब भगवान के सम्मुख हो। जैसे भीष्म पितामह की मृत्यु के समय स्वयं ठाकुर जी उनके सम्मुख जाकर खड़े हो गए। उनके दर्शन करते हुए प्राण निकले ।

🔱 देहि में परमेशवरम्….. हे परमेश्वर ऐसा वरदान हमें देना ।

हर समय गाड़ी घोड़ा बंगला नहीं मांगना है ये सब तो भगवान आप की पात्रता के हिसाब से खुद आपको देते हैं । इसीलिए दर्शन करने के बाद बैठकर प्रार्थना करनी चाहिये न कि याचना। सांसारिक पदार्थों के लिए – जैसे कि घर, व्यापार, नौकरी, पुत्र, पुत्री, सांसारिक सुख, धन या अन्य बातों के लिए जो मांग की जाती है वह याचना है, प्रार्थना नही।

हम प्रार्थना करते हैं, प्रार्थना का विशेष अर्थ होता है अर्थात विशिष्ट, श्रेष्ठ । अर्थना अर्थात निवेदन। प्रभु जी से प्रार्थना करें और प्रार्थना क्या करना है, यह श्लोक बोलना है।

एक और जरूरी बात

जब हम मंदिर में दर्शन करने जाते हैं तो खुली आंखों से भगवान को देखना चाहिए, निहारना चाहिए । उनके दर्शन करना चाहिए। कुछ लोग वहां आंखें बंद करके खड़े रहते हैं । आंखें बंद क्यों करना हम तो दर्शन करने आए हैं । भगवान के स्वरूप का, श्री चरणों का ,मुखारविंद का, श्रंगार का, संपूर्णानंद लें । आंखों में भर ले स्वरूप को । दर्शन करें और दर्शन के बाद जब बाहर आकर बैठे तब नेत्र बंद करके जो दर्शन किए हैं उस स्वरूप का ध्यान करें । मंदिर में नेत्र नहीं बंद करना । बाहर आने के बाद पैड़ी पर बैठकर जब ठाकुर जी का ध्यान करें तब नेत्र बंद करें और अगर ठाकुर जी का स्वरूप ध्यान में नहीं आए तो दोबारा मंदिर में जाएं और भगवान का दर्शन करें । नेत्रों को बंद करने के पश्चात उपरोक्त श्लोक का पाठ करें।

👉 मन्त्र अर्थ से अधिक भाव प्रधान है

यहीं शास्त्र हैं और यहीं बड़े बुजुर्गो का कहना हैं।।

Stop inviting hardship in your life with your deceitful desires & intentional wrongdoings….

I wish you to know that you deserve every good thing & believe me, Universe is ready to give you every good thing. Your job is to summon it into your life by vibrating higher & by aligning your thinking, feelings & daily activities with your desired purposes & higher goals.

Darling listen – always remember that it is you who invite suffering, tribulations & hardship in your life with your intentional wrongdoings, deceitful desires, acting out, negative dominant thoughts, projection of your lower side or because you think that you are always right & holier-than-thou.

Darling listen – Just imagine where you would be in one years time, if every day you become a little better than your previous day’s version & do at least one thing that gets you closer to your higher or real goals.

Keep feeling good, keep getting better, keep doing your best in order to prosper in every way.

I pray & wish that you remain crispy, fresh & in good health – physically, emotionally & spiritually, throughout your journey. Blessings 💐

Be better, do better & build more than you had the week before. Live each day to the fullest & make it count!

Let this New Week bring you: abundance, blessings, healing, revitalised energy, touching moments, constructive lessons, heartfelt interactions, exciting opportunities & positive growth experiences. Let you receive good news on something you have been patiently waiting on.

Darling listen – I want you to know that this is really good time to blossom in every single imaginable way, become better, to do better & build more than you had the week before.

Stay Doing What You Must, Fulfilling Your Commitments, Praying, Exercising & Exceeding Expectations!

Good luck & Tons of Good Wishes 💐

रविवारीय प्रार्थना – चित्त के भीतर यदि दोष भरा है तो वह गंगा-स्नान से शुद्ध नहीं होगा।

ईश्वर सदैव अपनी बनाई हुई सृष्टि से प्रेम करते हैं और उनकी अभिभावकीय उदारता की वजह से उनका आशीर्वाद समान रूप से किसी न किसी रूप में हम सभी तक पहुंचता भी रहता है।

लेकिन उनके सभी आशीर्वाद और सूत्र हमको केवल असत्य से सत्य की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर तथा मृत्यु से अमरता के भाव की ओर ले जाने वाले होते हैं। वे सदा यही चाहते हैं कि हम मन, वचन और कर्म तीनों से अधिकाधिक पवित्र रहें, सन्तुलित रहे और हमारे सभी संकल्प शुभ हों। वे सदैव चाहते हैं की हम सद्भाव-सद्व्यवहार, कृतज्ञता के साथ जीवन जियें, जिससे चलते फिरते अमृतमय आनन्द को लूट पायें तथा अमरता, अनंतता, श्रेष्ठता, भगवदत्ता और उनकी कृपा सही मायनों में प्राप्त कर पायें।

मगर हम तो अपने दुर्गुणों को, दुर्बलताओं और दोषों को, दुर्विचारों औऱ दुर्भावनाओं को पोषित करने में तथा दुष्कर्मो को करने में लगे रहते हैं जिसकी वजह से उनकी असल कृपा के पात्र कभी बन ही नही पाते हैं।

हम सभी जानते हैं कि जो लोग स्वयं के स्वार्थ को पूरा करने के लिए दूसरों का अहित करते हैं, जो लोग दूसरों की वस्तु हड़पने या चुराने का प्रयास करते हैं, जो दूसरों को अपने शब्दों या कृत्यों से आहत करते हैं उनके जीवन के सभी पुण्य कर्म नष्ट हो जाते हैं और उन लोगों को इस काम के अन्ततः भयंकर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। क्या हम नही जानते हैं कि हमारे शास्त्र क्या कहते हैं – जो व्यक्ति जैसा कर्म करेगा, उसे वैसा ही फल प्राप्त होगा? हम अच्छें काम करेंगे तो अच्छा फल मिलेगा और बुरे काम करेंगे तो बुरा फल मिलेगा ।

याद रखिये की चित्त के भीतर यदि दोष भरा है तो वह गंगा-स्नान से शुद्ध नहीं होगा। भीतर का भाव जब तक शुद्ध नही होगा, तब तक सब दान, यज्ञ, तप, तीर्थसेवन अतीर्थ ही बने रहेंगे। इसीलिए उनके उच्चस्तरीय अनुदान, कृपा एवं वरदानों की प्राप्ति के लिए हमे विवेक, कर्त्तव्य, सदाचरण और परमार्थ जैसी सत्प्रवृत्तियों और सद्‌भावनाओं से भरा हुआ ही जीवन जीना होगा अन्य कोई उपाय नही है।

अपनी दुर्भावनाओं, दुराग्रहों एवं समस्त कमजोरियों तथा अन्य उद्धत-उच्छृंखल मनोविकारों को ठुकराकर सज्जन, उदार, दयालु, करुणामय, आनंदमय एवं शांत हो जाना, अपने अनुचित घमंड की अधिकता को गलाकर समर्पण की नम्रता स्वीकार कर लेना तथा अपनी वाणी की अपेक्षा अपने सत्कर्मो के द्वारा अपने रचियता के प्रति कृतज्ञता का प्रदर्शन करना ही शायद उनकी असली प्रार्थना है।

सब मंगल कामनाओं को पूर्ण करने वाले मेरे आराध्य प्रभु से आज मेरी प्रार्थना है की आपके अंतस में समाहित शुभत्त्व, देवत्व व सद्गुण जल्द ही जग जायें तथा मन पवित्र और शांत हो जाये जिससे आपके जीवन और घर-आंगन में शुभता और मांगल्य की वर्षा सतत होने लगे।

आपके जीवन की शेष आयु के लिए तमाम तरह के अवसर, मधुरता, मस्ती, खुशियां एवं अच्छी सेहत की कामनाओं के साथ साथ मैं आज उनसे ये भी प्रार्थना करता हूँ कि आने वाला प्रत्येक नया दिन सुंदर, खुशहाल, मज़ेदार, रोमांचक और सबसे बढ़कर उत्पादक हो। मंगल शुभकामनाएं।।

श्री रामाय नमः। श्री राम दूताय नम:। ॐ हं हनुमते नमः।।

What you project is what you move towards.

Today I wish to ask you – What is that you are reflecting, throwing or projecting into Universe these days consciously or unconsciously?

Okay, don’t tell me. But isn’t it a great question to ask yourself, most especially when things don’t seem to be going your way. Do you even know – how your thoughts, repetitive internal dialogues, emotions – fears, complaints, anxiety or anger are affecting your life & world?

Darling listen – please check if your rudder is going in the wrong direction? Always remember – what you project is what you’re moving towards. Actually, you’re not being limited by your circumstances; you’re being limited by your thoughts, projections, reflections & reactions. Stop emitting negativity!

Don’t be a mere reflection of your miserliness, resentments, anguish or hopelessness. Reflect your light, your beauty, your strength, intelligence & blessedness. I repeat – Instead of reflecting who you are not, your lacks & what you don’t want more & more, please begin to reflect who you are, what you have & what you want constantly. Begin to showcase your true self, your hidden treasures & natural gifts. Begin to project positive energy, positive emotions, happier feelings, a sense of peace & calm from this moment itself.

I wish to remind you that your thoughts & projections have a contagion effect on everyone around, where you can either make others feel great along with you or pull them down, resulting in poorer moods.

Clearly, the former is probably your preferred option & is obviously good for maintaining a higher quality of life. Therefore, I recommend you to start finding more time to be positive about your life & your world, controlling your mood, reactions & projections, exhibiting your extraordinariness & giving the best of what you can in order to achieve success, fulfilment, happiness & your higher goals.

I want to leave you with these Saturday thoughts so that you could sit back & reflect on how thinking of only good things & projecting positive emotions can make you feel good & bring you all that you deserve. After all, like they say & you know – your happiness, your relations & your future is in your hands, thoughts & words.

Have a wonderful weekend. Let this day bring you lots of love & cheer. Stay Blessed 💐

It is important to start your day by looking & feeling good, happier, healthier & more confident…

It’s important to begin your day by getting off on the right foot so that you can immerse yourself in something great, so that you can do those beautiful, impactful & great things you are competent to do… so that you can take your life to the next level.

Darling listen – every morning, I want you to prepare yourself mentally & physically to go above & beyond your daily call of duty, fulfill your commitments & to take on whatever the world has in store for you.

Remember that every small action that you take today will add up to incredible results in the future…

Let you begin this day (or any other day) by looking & feeling good, happier, healthier & more confident. Your morning routine should include not only getting ready, meditating, exercising, but it must also include becoming a positive & wow magnet to be able to magnetize more good things into your life.

I wish you a da y filled with success, positivity & happiness. I pray God to guide & help you to launch the best version of yourself today. Tons of Blessings 💐