सुनो कृष्ण…

सुनो कृष्ण मेरे भीतर से मेरे “मै” को बिल्कुल निकाल दो
जिससे तुम्हारे अलावा कुछ और बचे ही नही।

माधव, अपनी सेवा में लगाये रखना।।

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