रविवारीय प्रार्थना – अपना सर्वश्रेष्ठ हो जाना ही शायद प्रार्थना का एकमात्र लक्ष्य है।

जैसे कि हम सब जानते हैं – हर जीव ईश्वर का अंश है। और हमारे ईश्वर सच्चिदानंद स्वरूप हैं। इसका एक मायने ये भी हुआ कि ईश्वरीय गुण – सत्, चित् और आनन्द हम सब मे पहले से ही विघमान है।

आनंद आपके भीतर मौजूद है और आप स्वयं ही आनंद के स्त्रोत हैं। प्रेमपूर्वक और लग्न से किया गया आपका हर कार्य, आपका प्रत्येक कथन और विचार, भाव से ईश्वर द्वारा निर्धारित कर्तव्यपथ पर चलना ही आपके आंतरिक और बाहरी आनंद को संपोषित करता है, उसका विस्तार करता है।

हमारी प्रार्थनाओं का एक उच्चतम लक्ष्य आनंद प्राप्त करना, नाचना है और प्रकाशित हो जाना भी है। अपना सर्वश्रेष्ठ हो जाना ही शायद प्रार्थना का एकमात्र लक्ष्य है।

मगर कुछ लोगों को देखेंगे तो वो निष्क्रिय बने रहना चाहते हैं, सर्वगुण सम्पन्न होने के बावजूद सिर्फ उपेक्षणीय और अर्थहीन कार्य करना चाहते हैं, बीमार न होते हुए भी बीमार सा दिखना चाहते हैं, नकारात्मक बातें सोचना और करना चाहते हैं तथा दुखी और उदास बने रहना चाहते हैं। इन मूर्ख लोगों को यही प्रार्थना लगने लगती है और इसी में आनंद आने लगता है।

मैं आपको बता दूं कि सोने की बजाये जागने में आनंद ढूंढना प्रार्थना है। न करने की बजाये करने में मन लगाना प्रार्थना है। अपना महत्वपूर्ण योगदान देते रहना प्रार्थना है। अपने जीवन के उच्चतम लक्ष्यों को प्राप्त करने के सतत प्रयास में लगे रहना प्रार्थना है।

स्वयं से उच्च यानी – आत्मा से परमात्मा बनने का प्रयास आनंद को पोषित करता है। हर समय और हर परिस्थिति में अपना सर्वश्रेष्ठ देना, अपने वास्तविक स्वरूप को क्रियाशील करे रखना तथा आपको ईश्वर ने जो चमत्कारीय क्षमताएँ दे रखी हैं उन्हें निरन्तर प्रयोग करना ही अपने भीतर के सचिदानंद को पोषित करना है और उनकी सर्वश्रेष्ठ प्रार्थना है।

मैं आज अपने आराध्य प्रभु से प्रार्थना करता हूँ कि आप जब भी एकांत में शांतचित्त बैठकर चिंतन और मनन करें तो आपकी दैविक प्रेरणा आपको झंझोड़ दे और आपको ये सब स्पष्ट रूप से समझ में आने लगे, आपके भीतर से प्रकाश की किरणें यकायक फुट पडें तथा अपने अन्तस मन मे और चारों तरफ फैले हुऐ माधुर्य, सौंदर्य और आनंद का अनुभव होने लगे।

आपका दैनिक व्यवहार आपकी प्रार्थनाओं और आनंद की अनुकृति बना रहे और आप अच्छे कर्म करते हुए शतायु प्राप्त करें, ऐसी सभी कामनाओं के साथ साथ मैं अपने प्रभु जी से ये भी प्रार्थना करता हूँ कि आपके घर-आंगन में सदैव शुभता एवं मांगल्य की वर्षा होती रहे। मंगल शुभकामनाएं 💐

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