Manifestation • Mindset • Abundance • Blessings Your future self has brought you here. Time to Align, Attract & Evolve, Now🦸
आज फिर रविवार है, चिंतन-मनन करने का दिन, थोड़ा ठहरकर अंतर्मन में झांकने का दिन। आज मैं आपके साथ जो विचार साझा कर रहा हूँ, वह न तो बहुत जटिल है और न ही इसे करने में कोई बड़ा प्रयास चाहिए। आज मैं आपसे… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – बिना सोचे-विचारे अपने स्तर से नीचे गिर कर बेहोशी में कुछ भी कहने या कर गुजरने से बचना, ज्यादातर होश में रहना तथा अपने मूल दिव्य भाव में स्थिर रहना ही प्रार्थना है।”
मुझे आपका तो पता नहीं, लेकिन इस संसार में ज्यादातर लोग खुद को सुधारने, श्रेष्ठ बनने, उस परम ईश्वरीय अनुभूति को और जीवन की समस्त श्रेष्ठ संभावनाओं को साकार करने की कोशिश में लगे हैं। आप अपना समय और ऊर्जा किस चीज़ में लगा… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – आप पैदायशी दुष्ट या रूखे या मूर्ख या उदासीन इंसान नहीं है, बस आपके भीतर धूल जम गई है, कूड़ा करकट का पहाड़ और पूर्वाग्रहों की दीवारें बन गई है, उन्हें मिटाने और हटाने का प्रयास ही प्रार्थना है।”
रविवार की इस शांत और खूबसूरत सुबह, चलिए आज फिर चिंतन करते हैं – सब कुछ करने के बाद, हर भटकाव के बाद, हर नाटकबाजी के बाद, झूठ सच के बाद, सत्य को समझने और वापस अपने ही भीतर मौजूद उस ईश्वर के पास… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – परमात्मा से कुछ भी नहीं छुपा है न तो आपके कर्म और न ही उसके पीछे की वजह या नीयत। इस सत्य के प्रति निरंतर सावधान रहना ही प्रार्थना है।”
आज फिर रविवार है—एक ऐसा दिन जो किसी पुरानी गाँठ को खोलने, किसी नए सत्य को आत्मसात करने और स्वयं को जगाने के लिए मिला है। यह समय है अपनी ‘ग्रहणशीलता’ को परखने का और ईश्वर की असीम कृपा प्राप्त करने के लिए अपनी… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – स्वय को श्रेष्ठ से सर्वश्रेष्ठ की और बढ़ाने की दिशा में प्रयासरत रखना।”
ज्यादातर लोगों ने अपने जीवन को एक सजी-धजी सोशल मीडिया टाइमलाइन में तब्दील कर दिया है—जहाँ हर साँस केवल दूसरों को प्रभावित करने के लिए है और हर कार्य एक ‘लाइक’ बटोरने का विज्ञापन। हमने ‘दिखने’ की कला में इतनी महारत हासिल कर ली… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना: “मैं कैसा दिख रहा हूँ?” इसकी चिंता करने के बजाय, इस बात का चिंतन करना कि “प्रभु को मेरे भीतर क्या दिख रहा होगा?””
कहाँ है ईश्वर? ज्ञान, आध्यात्म या धर्म असल में क्या हैं हम साधारण लोगों के लिए? ये प्रश्न सदियों से हमारे भीतर उठते रहे हैं—और अक्सर अनुत्तरित ही रह जाते हैं। हर रविवार मैं भी आपकी तरह इन्हीं पेचीदा सवालों के धागे सुलझाने की… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – पशु, पक्षी, पौधे और करोड़ों वर्षों के संघर्षों को पार कर मिले इस बार के मनुष्य जीवन को यूंही नहीं गंवाना।”
रविवार की शांत सुबह मेरे लिये आत्म-चिंतन का निमंत्रण होती है। यह वह समय है जब मैं उन अनुभूतियों को – बातों को समझने और शब्द देने की कोशिश करता हूँ, जो किसी अदृश्य ऊर्जा, पितरों, गुरु-सत्ता या उस ‘बोधिसत्व चेतना’ की प्रेरणा से… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – अपनी भूलों और गलतियों के प्रति जागरूक रहना, अपने भीतर को परिष्कृत और अपने ‘मैं’ को खत्म करने का निरंतर प्रयास करना तथा उनका नामजप करना।”
मेरे आराध्य प्रभु श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई 💐💐 आज संकटमोचन श्री हनुमान जी के चरणों में यही करबद्ध प्रार्थना है कि उनका अनंत आशीष-अनुग्रह हम सब पर सदैव बना रहे तथा उनकी वह दिव्य शक्ति, जो दुर्गम से लगने वाले… Continue Reading “श्री हनुमान जी के जन्मोत्सव की हार्दिक बधाई 💐💐”
आज रविवार को मैं दुबारा उन साधारण सी बातों को आपसे साझा कर रहा हूँ जिन्हें समझना साधारण लग सकता है, लेकिन जीना जीवन बदल देने वाला है। अभी रामनवमी का पावन पर्व बीता है और बधाई संदेशों के शोर के बीच एक बात… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – रावण की उस बेचैन ‘अपूर्णता’ से राम की सहज ‘पूर्णता’ तक की यात्रा।”
दुर्गाष्टमी और रामनवमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाइयां 💐💐 मैं कालका माई से प्रार्थना करता हूँ कि वे आज आपको उत्तम स्वास्थ्य और सुखमय जीवन का वरदान दें और आपका जीवन शीतलता एवं सुंदरता से भर दें। भगवती आपके भीतर वह विवेक और… Continue Reading “दुर्गाष्टमी और रामनवमी के पावन पर्व की हार्दिक बधाइयां 💐💐”