Category: प्रार्थना, परमात्मा और हम लोग

प्रार्थना

जन्म से ही अपूर्व सामर्थ्य, अतुल्य तेज व अन्तहीन संभावनाओं से परिपूर्ण मानव जीवन परमात्मा का एक दिव्य उपहार है। ये तो हम सब जानते हैं। मगर असली सवाल ये है कि इस उपहार स्वरूप मिले अमूल्य जीवन का असली लक्ष्य क्या है? मेरे… Continue Reading “प्रार्थना”

हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की बधाई।

आप सभी को को चैत्र नवरात्रि एवं हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत की बधाई। माँ दुर्गा की उपासना का ये नौ दिन का महापर्व असल मे अपने आत्मसंवरण का अवसर है। व्रत, प्रार्थना, ध्यान और जप द्वारा अपने मन को शुद्ध और पूरी तरह… Continue Reading “हिन्दू नववर्ष २०७८ विक्रम संवत और चैत्र नवरात्रि की बधाई।”

प्रार्थना

यह संसार आनन्दस्वरूप, सर्वशक्तिमान एवं सर्वव्यापक ईश्वर की ही रचना है और आपको तथा मुझे जीवन में जितना कुछ भी ईश्वरीय उपहार स्वरूप मिला हुआ है, वह अपार और अमूल्य है। इसीलिए जितनी साधन-संपन्नता एवं लौकिक-पारलौकिक अनुकूलतायें हमे प्राप्त हैं, उनके प्रति प्रासादिक भाव… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

मैं साधरणतः उस ईश्वर की बात नही करता जो कंही दूर परलोक में विराजमान हैं, जो हम सबके मालिक हैं। मैं उनको मानता जरूर हूँ। मैं उनके प्रति अपनी श्रद्धा निरंतर प्रकट करता हूँ। मगर मैं उस विचार से ज्यादा प्रभावित हूँ जो ये… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

मनुष्य जीवन ईश्वर का अनुपम उपहार है। मुझे नही लगता कि उनके पास इससे बड़ा कोई अनुदान या उपहार हो सकता है आपको देने के लिए। आपको इतनी विशेषताएं, बुद्धि, सामर्थ्य, क्षमता और सम्भावनायें दी गयी हैं कि अगर वो सब किसी दिन सामने… Continue Reading “प्रार्थना”

खुद पर और अपने ईश्वर पर विश्वास रखें

रात के ढाई बजे था, एक सेठ को नींद नहीं आ रही थी । वह घर में चक्कर पर चक्कर लगाये जा रहा था। पर चैन नहीं पड़ रहा था । आखिर थक कर नीचे उतर आया और कार निकाली। शहर की सड़कों पर… Continue Reading “खुद पर और अपने ईश्वर पर विश्वास रखें”

बसंत पंचमी व सरस्वती पूजा की हार्दिक बधाई।

माँ सरस्वती से प्रार्थना है कि आज से हर सूर्योदय एक नई उमंग, नया उत्साह, नई ऊर्जा ले कर आये और आपकी हर सुबह नई उम्मीदों और अवसरों से भरी रहे। माँ सरस्वती से ये भी प्रार्थना है की आज से हर सूर्यास्त एक… Continue Reading “बसंत पंचमी व सरस्वती पूजा की हार्दिक बधाई।”

देवता और असुर – असली मतलब!

देवता और असुर शायद मनुष्य की ही दो श्रेणीयां हैं। देवता वे हैं जिन्हें अपने से ज्यादा दूसरों की प्रशंशा करने में अच्छा लगता है, दूसरों को प्रोत्साहित करने में आनन्द आता है, खुद की बजाये दूसरों पर फूल बरसाना अच्छा लगता है। जिनको… Continue Reading “देवता और असुर – असली मतलब!”

प्रार्थना

सृष्टि की उत्पत्ति और इसकी स्वयं प्रेरित तथा स्वचालित व्यवस्था ईश्वर के अस्तित्व का प्रमाण है। ये सच लगभग हम सब जानते हैं। असल मे तो जीवित रहने की लगभग सभी जरूरी क्रियायें मेरे या आपके सोचने या करने से संबंधित ही नहीं है।… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

हमारे वेद बताते हैं कि सच्चिदानन्द ईश्वर तो आकार से रहित निराकार है। ईश्वर के असली रूप की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। कम से कम हम जैसे साधारण बुद्धि वाले मनुष्य तो नही कर सकते हैं। इसलिए हम अपनी अपनी कल्पना… Continue Reading “प्रार्थना”