Category: Spiritual

मन के अनुकूल हो तो हरि कृपा और मन के विपरीत हो तो हरि इच्छा।

ये सत्य हम सब जानते हैं कि जो इस ब्रह्मांड के रचियता हैं उन्होंने ही हमे भी रचा है। ये जो आवागमन का खेल चल रहा है, जिसे आप अपना खेला समझ रहे हैं उसे खेलने वाला कोई और ही है। उनका ये खेल… Continue Reading “मन के अनुकूल हो तो हरि कृपा और मन के विपरीत हो तो हरि इच्छा।”

प्रार्थना

वे सब रावण ही तो हैं जो कई कई चेहरे ले कर और अपने झूठ को गर्व से माथों पर सजाए घूम रहे हैं। हम सबने सुना है कि रावण के दस सिर थे। मगर लोग तो जाने कितने चेहरे लिये घूम रहे हैं… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

केवल अप्राप्त को प्राप्त करना ही नही, बल्कि जो मिला है, प्राप्त है, मौजूद है या फिर जो भी जीवन यात्रा में प्राप्त होता जाये, मिलता जाये – उसके साथ और उसका उत्सव मनाना, नृत्य करना, गीत गाना और धन्यवाद देना ही बस जीवन… Continue Reading “प्रार्थना”

ईश्वर जो सदा से प्रकट हैं, जो सब जगह मौजूद हैं। क्या आप उन्हें पहचानते हैं?

ईश्वर तो सदा से प्रकट हैं, सब जगह मौजूद हैं। जो पहले से प्रकट है वो और अधिक क्या प्रकट होंगे। हाँ, ये हो सकता है कि अभी आप उन्हें पहचानते नहीं हो। जिस किसी को भी आपके भीतर सम्भावनायें, अच्छाई दिखाई दे रही… Continue Reading “ईश्वर जो सदा से प्रकट हैं, जो सब जगह मौजूद हैं। क्या आप उन्हें पहचानते हैं?”

प्रार्थना

जीवन मे सब महत्वपूर्ण चीजें जैसे कि मनुष्य जन्म, मृत्यु, मोक्ष, परिवार, बंधन, यश व अपयश परमात्मा के हाथ में ही हैं। आज भी ये सब उन्ही के यानी के प्रकृति के हाथों में ही है। इसीलिए भलायी इस मे है कि जीवन को… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

मेरी सहानुभूति है उन सभी लोगों से जो किसी भी रूप में कोरोना जैसे घातक वायरस से प्रभावित हैं या जमाखोरों और काले बाज़ारियो की दरिंदगी का शिकार हुए हैं। साधुवाद है उन सभी लोगों को जो इस महामारी का डट कर मुकाबला कर… Continue Reading “प्रार्थना”

हनुमान जयंती

आप सभी को श्री हनुमान जन्मोत्सव की ढेरों बधाई। कोरोना की इस कठिन घड़ी में आपसे निवेदन है कि सच से सरोकार रखें, सनसनी से नहीं। तथ्यों पर चलें, कल्पनाओं पर नहीं। विवेक को भावुकता से अधिक महत्व दें। यथासंभव नकारात्मक एवं व्यर्थ की… Continue Reading “हनुमान जयंती”

श्री राम की जीवन यात्रा भारतीय संस्कार एवं सभ्यता की प्राण सत्ता हैं।

मुझे नही पता की आप भारतीय परंपरा के सबसे पवित्र, दिव्य और प्यारे नाम “श्री राम” से क्या मतलब निकालते हैं? मुझे नही पता कि आप उन्हें राजा दशरथ के सबसे बड़े आज्ञाकारी बेटे, एक महान और आदर्श राजा के रूप में जानते हैं… Continue Reading “श्री राम की जीवन यात्रा भारतीय संस्कार एवं सभ्यता की प्राण सत्ता हैं।”

दुर्गाष्टमी प्रार्थना

माँ दुर्गा के आठवें स्वरुप माता महागौरी की आराधना के पर्व दुर्गा अष्टमी की आप सभी को बधाई। मैं उम्मीद करता हूँ कि आज की पूजा और जो भी व्रत, प्रार्थना, ध्यान, जप आपने इन नवरात्रों में किये हैं उससे आपको असीम आनंद की… Continue Reading “दुर्गाष्टमी प्रार्थना”

प्रार्थना

जन्म से ही अपूर्व सामर्थ्य, अतुल्य तेज व अन्तहीन संभावनाओं से परिपूर्ण मानव जीवन परमात्मा का एक दिव्य उपहार है। ये तो हम सब जानते हैं। मगर असली सवाल ये है कि इस उपहार स्वरूप मिले अमूल्य जीवन का असली लक्ष्य क्या है? मेरे… Continue Reading “प्रार्थना”