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रविवारीय प्रार्थना – अपनी भूलों और गलतियों के प्रति जागरूक रहना, अपने भीतर को परिष्कृत और अपने ‘मैं’ को खत्म करने का निरंतर प्रयास करना तथा उनका नामजप करना।

रविवार की शांत सुबह मेरे लिये आत्म-चिंतन का निमंत्रण  होती है। यह वह समय है जब मैं उन अनुभूतियों को – बातों को समझने और शब्द देने की कोशिश करता हूँ, जो किसी अदृश्य ऊर्जा, पितरों, गुरु-सत्ता या उस ‘बोधिसत्व चेतना’ की प्रेरणा से… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – अपनी भूलों और गलतियों के प्रति जागरूक रहना, अपने भीतर को परिष्कृत और अपने ‘मैं’ को खत्म करने का निरंतर प्रयास करना तथा उनका नामजप करना।”

रविवारीय प्रार्थना – सरोवर सी शीतलता या ज्वालामुखी सा क्रोध: अपनी मनोदशा की ताजी स्थिति को समझ कर उसे परिष्कृत करना।

मित्रों, राम राम। आज रविवार की सुबह फिर कुछ बातें, जो श्रेष्ठ जनों ने कही और लिखी हैं, उन्हें गहराई से समझने और अपने जीवन में उतारने के लिए लिखी हैं। हर रविवार मैं इन शब्दों को आप तक पहुँचाता हूँ ताकि हम सब… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – सरोवर सी शीतलता या ज्वालामुखी सा क्रोध: अपनी मनोदशा की ताजी स्थिति को समझ कर उसे परिष्कृत करना।”

रविवारीय प्रार्थना – अपने आस-पास जिंदा ईश्वरों को खोजना और अपने भीतर के ईश्वरत्व को जागृत करना।

आज एक प्रश्न मेरे मन को छू गया, और मैं इसे आज के रविवारीय चिंतन में आपके साथ साझा कर रहा हूँ: क्या सृष्टि के रचयिता ने केवल एक ही बुद्ध (या कोई भी ज्ञानवान/अवतार) को हमारे आने से पहले इस धरती पर भेजा… Continue Reading “रविवारीय प्रार्थना – अपने आस-पास जिंदा ईश्वरों को खोजना और अपने भीतर के ईश्वरत्व को जागृत करना।”

प्रार्थना

वे सब रावण ही तो हैं जो कई कई चेहरे ले कर और अपने झूठ को गर्व से माथों पर सजाए घूम रहे हैं। हम सबने सुना है कि रावण के दस सिर थे। मगर लोग तो जाने कितने चेहरे लिये घूम रहे हैं… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

जीवन मे सब महत्वपूर्ण चीजें जैसे कि मनुष्य जन्म, मृत्यु, मोक्ष, परिवार, बंधन, यश व अपयश परमात्मा के हाथ में ही हैं। आज भी ये सब उन्ही के यानी के प्रकृति के हाथों में ही है। इसीलिए भलायी इस मे है कि जीवन को… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

मेरी सहानुभूति है उन सभी लोगों से जो किसी भी रूप में कोरोना जैसे घातक वायरस से प्रभावित हैं या जमाखोरों और काले बाज़ारियो की दरिंदगी का शिकार हुए हैं। साधुवाद है उन सभी लोगों को जो इस महामारी का डट कर मुकाबला कर… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

आपका और मेरा ईश्वर इस सृष्टि के कण-कण में बसा है। और अगर गौर से देखेंगे तो पायेंगे कि ये सारी सृष्टि उनकी प्रार्थना में ही लीन है, दिन और रात। प्रतिपल प्रार्थना चल रही है। ये वृक्ष खड़े हैं चुपचाप; ये इनकी प्रार्थना… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

परमात्मा इस धरती के हर कण में समाया हुआ है और जिनकी श्रद्धा होती है उंनको चारों तरफ परमात्मा और उनकी अलौकिक शक्तियां नजर भी आती है। परमात्मा की हर पल में अनुभूति करना, सदैव आनंदित रहना और छोटी-छोटी खुशियाँ में भी असीम प्रसन्नता… Continue Reading “प्रार्थना”

प्रार्थना

आपको देर सबेर ये मानना ही होगा कि भगवान यदि यहाँ नहीं है तो कहीं भी नहीं हैं और भगवान अगर आपके आज में नहीं है तो भविष्य में भी कभी नहीं होंगे। आप के अंदर और सभी के अंदर भगवान् नित्य ही विराजित… Continue Reading “प्रार्थना”

🙏 प्रार्थना 🙏

असल मे तो आनन्द ही परमात्मा का स्वरूप है और चारों तरफ, बाहर-भीतर आनन्द-ही-आनन्द भरा हुआ है। सारे संसार में आनन्द छाया हुआ है। यदि आपको जीवन मे इस आनंद का अनुभव नही हो पा रहा है तो सचमुच कुछ कमी है। हम सब… Continue Reading “🙏 प्रार्थना 🙏”